दो साल में देशभर से हट जाएंगे टोल प्लाजा, नितिन गडकरी ने बताया सरकार का नया प्लान
नई दिल्ली: अब करीब-करीब पूरे देश में टोल प्लाजा का जाल फैल गया है। इन टोल प्लाजा से सरकार को आमदनी तो होती ही है, लेकिन लोगों को जाम जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही इसके संचालन में भी काफी खर्च आता है। जिससे निपटने के लिए मोदी सरकार एक नई योजना पर काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट को 'टोल मुक्त भारत' कहा जा रहा है। अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसको लेकर विस्तार से जानकारी दी है।
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कितनी बढ़ेगी सरकार की आय?
ASSOCHAM की बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले दो सालों में भारत को टोल नाका मुक्त बना दिया जाएगा। इस दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है, साथ ही ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS)की मदद ली जा रही है। भविष्य में जब भी जीपीएस लगा वाहन सरकार की तय टोल जगह से गुजरेगा तो उसके अकाउंट से पैसा अपने आप कट जाएगा। इस जीपीएस तकनीकी के इस्तेमाल से NHAI की पांच सालों में आय 1.34 ट्रिलियन डॉलर बढ़ जाएगी। साथ ही वाहनों का ईंधन भी फालतू बर्बाद नहीं होगा।

रूस से ली जा रही मदद
परिवहन मंत्री गडकरी ने आगे कहा कि आजकल बनाए जाने वाले सभी वाणिज्यिक वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम (GPS) हैं। इस वजह से सरकार पुराने वाहनों में जीपीएस लगाने के लिए एक सिस्टम लेकर आएगी। इसके लिए रूस की मदद ली जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस सिस्टम को सरकार बना लेगी। इसके बाद टोल प्लाजा को हटा दिया जाएगा और जीपीएस के आधार पर ही टोल अपने आप वाहन मालिक के खाते से कट जाया करेंगे।

अभी फास्टैग है लागू
पिछले साल भारत सरकार ने सभी वाहनों में फास्टैग अनिवार्य कर दिया है। फास्टैग वाहन में आगे लगा एक प्रकार का चिप होता है, जिसमें यूजर पहले से रिचार्ज करवाता है। जैसे ही वाहन टोल प्लाजा पर पहुंचता है, वैसे ही ऑटोमैटिक पैसा कट जाता है। मौजूदा वक्त में कुल टोल कलेक्शन में एक चौथाई फास्टैग से आता है। फास्टैग के आने से एक ओर जहां जाम के झंझट से मुक्ती मिली ही है, वहीं ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आई है।












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