इस वजह से केंद्र ने दी प्रवासी मजदूरों को घर वापस लौटने की अनुमति
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूर, पर्यटक, छात्रों और अन्य लोगों को गृह मंत्रालय ने बुधवार को कुछ शर्तों के साथ अपने घर वापस लौटने की इजाजत दे दी। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, हाल ही में बीजेपी चीफ जेपी नड्डा की बीजेपी के सांसदों और विधायकों के साथ बैठक हुई थी। जिसमें दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापस लाने का मुद्दा उठाया गया था। बताया जा रहा है कि, पार्टी के नेताओं की ओर से लगातार बनाए जा रहे दवाब के बाद सरकार ने अंतरराज्यीय यात्रा की अनुमित नहीं देने के अपने पहले के फैसले में ढील दी है।

पार्टी नेता सरकार पर बना रहे थे दवाब
बीते पांच हफ्तों से जारी लॉकडाउन से देशभर में अलग-अलग जगह प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक फंसे हुए हैं। इन लोगों के काम-धंधे बंद होने के बाद खाने-पीने भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते मजदूर पैदल ही अपने घरों को लौटने लगे थे। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व को अपने नेताओं से यह फीडबैक मिला कि प्रवासी मजदूरों के संकट से पार्टी को बड़ा खामियाजा उठाना पड़ सकता है।

पीएम के साथ हुूई मीटिंग में लिया गया फैसला
बीजेपी नेतृत्व की मीटिंग में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री समेत केंद्रीय मंत्री भी शामिल थे। मीटिंग में प्रवासी मजदूरों के लिए लॉकडाउन में ढील देने और प्रवासी मजदूरों की अपने घरों को वापसी पर विचार किया गया। बता दें कि, मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश में योगी सरकार पहले ही पहल कर चुकी है। यूपी सरकार हरियाणा से 12 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों को राज्य वापिस लाई है। अब केंद्र ने इस कदम के लिए मंजूरी दे दी।

नीतीश कुमार ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इनके आवागमन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूट के निर्णय का स्वागत किया है। साथ ही इसे उपयुक्त बताते हुए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमलोगों का सुझाव था और उस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है। इससे बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में फंसे हुए बिहार आने को इच्छुक लोगों को यहां आने में सुविधा होगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी सलाह का अनुपालन जनहित में है और सबको इसका पालन करना चाहिए। बिहार सरकार ने इस मामले में केंद्र सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों का हमेशा अनुपालन किया है।












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