टेलीकॉम सेक्टर में भी चीनी प्रोडक्ट हो सकते हैं ब्लैकलिस्ट, भारत बनाने जा रहा विश्वसनीय वेंडर्स की लिस्ट
नई दिल्ली: लद्दाख में चीन के साथ भारत का विवाद पिछले 6 महीनों से जारी है। सीमा पर चीन को सबक सिखाने के बाद भारत सरकार व्यापार के क्षेत्र में भी चीन के वर्चस्व को खत्म करने में जुटी है। जिसके तहत अब मोदी सरकार टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े कई वेंडर्स को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी कर रही है। जिससे चीन को बड़ा झटका लगेगा, क्योंकि अब तक टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़े पैमाने पर उपकरण चीन से आयात होते थे।
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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार टेलीकॉम सेक्टर से जुडे़ वेंडर्स की एक लिस्ट तैयार करेगी। इन से भारतीय कंपनियां उपकरण और सेवाएं खरीद सकेंगी। सरकार के इस कदम से चीनी उपकरणों की खरीद पर बैन लग सकता है, जिससे नेशनल सिक्योरिटी में सेंध की गुंजाइश कम रहेगी। इसके साथ ही मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत को भी बल मिलेगा। हालांकि चीनी वेंडर्स को बैन करने की बात सरकार ने नहीं कही है।
बुधवार को कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने नेशनल सिक्योरिटी डायरेक्टिव ऑन टेली कम्युनिकेशन सेक्टर बनाया है, जो टेलीकॉम इक्युपमेंट्स की सेफ्टी और सिक्योरिटी पर ध्यान देगी। भारत की नेशनल सिक्योरिटी के लिहाज से भी कैबिनेट का ये फैसला काफी अहम है।
इसके अलावा कैबिनेट ने 700, 800, 900, 1800, 2100, 2300 और 2500 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी बैंडविद के लिए नीलामी को मंजूरी दे दी है। स्पेक्ट्रम की यह नीलामी 20 वर्षों के वैद्यता के लिए की जाएगी, जिसमें कुल 2251.25 मेगाहर्ट्ज की बैंडविद नीलाम की जाएगी। जिसकी कीमत 392332.70 करोड़ रुपये होगी। बैंडविद की नीलामी के लिए आवेदन इसी महीने से स्वीकार किए जाएंगे। इस नीलामी प्रक्रिया को मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।












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