ममता बनर्जी के दावों पर मदर टेरेसा चैरिटी की सफाई, बीजेपी हुई हमलावर
नई दिल्ली, 27 दिसंबर: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी ने मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सभी बैंक खातों को सील करने पर हैरानी जताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था, जिसके बाद अब मिशनरीज ऑफ चैरिटी का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी (MoC) का विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) पंजीकरण न तो निलंबित किया गया है और न ही रद्द किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे किसी भी बैंक खाते पर गृह मंत्रालय की तरफ से कोई रोक लगाने का आदेश नहीं दिया गया है।

ममता ने किया यह दावा
दरअसल, सोमवार को ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए दावा किया था कि क्रिसमस पर यह सुनकर स्तब्ध हूं कि केंद्रीय मंत्रालय ने मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सभी बैंक खातों को फ्रीज कर दिया! 22,000 मरीजों और कर्मचारियों को भोजन और दवाओं के बिना छोड़ दिया गया है। जबकि कानून सर्वोपरि है, मानवीय प्रयासों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सफाई
वहीं मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने इस पर सफाई देते हुए साफ कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से किसी भी तरह का कोई भी बैंक खाता सील नहीं किया गया है। इधर, गृह मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मंत्रालय ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी (MoC) के किसी भी खाते को फ्रीज नहीं किया। भारतीय स्टेट बैंक ने सूचित किया है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने खुद SBI को अपने खातों को फ्रीज करने का अनुरोध भेजा है।
ममता बनर्जी पर हमलावर बीजेपी
अब इस पूरे मामले में बीजेपी ममता बनर्जी पर हमलावर हो गई है। बंगाल करे बिष्णुपुर से बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने सीएम बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी के पास कोई जानकारी नहीं है, उन्हें देखना चाहिए कि उनके शासन में पश्चिम बंगाल कैसे बिगड़ गया है। उनका अकाउंट फ्रीज करने का दावा पूरी तरह झूठा है। वह केवल नाटक करती है। वहीं पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से इतना गलत समाचार डाला। गृह मंत्रालय ने पूरा स्पष्टीकरण कर दिया है। ये घटिया राजनीति है।
आपको बता दें कि मदर टेरेसा जिन्होंने 1950 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की और दशकों तक भारत के सबसे गरीब लोगों के लिए काम किया, उन्हें 2016 में पोप फ्रांसिस ने संत का दर्जा दिया था। मदर टेरेसा रोमन कैथोलिक नन की, जिन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय कोलकाता में गुजारा और काम किया। उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार भी मिला है।












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