किसान आंदोलन के बीच मीका को याद आई भूखे बच्चों की, वीडियो साझा कर कही ये बात
नई दिल्ली। फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने जिस तरह से किसान आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, उसके बाद वह विवादों में घिर गई थीं। कंगना के बयान की बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह ने भी आलोचना की थी। मीका ने अब किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा है कि किसानों को अपना शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखना चाहिए, उन्हें किसी भी शरारती तत्व से प्रभावित हुए बिना इस प्रदर्शन को आगे जारी रखना चाहिए।मीका सिंह ने किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली बॉर्डर पर भूखे बच्चों को लेकर एक ट्वीट किया है। ट्वीट में भूखे बच्चों का वीडियो साझा करते हुए मीखा ने लिखा, आंदोलन पर बैठे किसानों के बहाने दिल्ली बार्डर पर भूखे बच्चों को भी मिल रहा है खाना। किसानों की सेवा के साथ-साथ गुरुद्वारा साहिब का लंगर ज़रूरतमंदों तक पहुँच रहा है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखें
मीका सिंह ने ट्वीट करके लिखा कि मैं एक बार फिर से अपने सभी किसान भाइयों से अपील करना चाहता हूं कि शांति बनाकर रखो, खराब शब्दों का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं हैं, बहस करने या चिल्लाने की भी जरूरत नहीं है। कुछ लोग बिना वजह की दिक्कतें पैदा कर रहे हैं ताकि इससे गलत संदेश जाए। लिहाजा मेरी आपसे अपील है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने प्रदर्शन को जारी रखें।

कंगना को नजरअंदाज करें
बता दें कि इससे पहले मीका सिंह ने कंगना रनौत को नजरअंदाज करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि हम यहां कंगना पर ध्यान केंद्रित करने नहीं आए हैं, मेरा कंगना से कोई व्यक्तिगत विवाद भी नहीं है, उसने एक गलती की, उसकी उसे प्रतिक्रिया भी मिली, हालांकि उसने ना तो इसके लिए माफी मांगी और ना ही अपने ट्वीट को डिलीट किया। मीका ने कहा कि खुद को सोशल मीडिया पर शेरनी दिखाना आसान है, कंगना को जरूरतमंद लोगों की मदद पर ध्यान देना चाहिए। गौरतलब है कि किसानों के प्रदर्शन को प्रियंका चोपड़ा, सोनम कपूर, रितेश देशमुख, सहित कई सितारों ने समर्थन दिया है। इन लोगों के ने किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया।

किसान मांग पर अड़े
आपको बता दें कि केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानून लेकर आई है, जिनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडार सीमा खत्म करने समेत कई प्रावधान किए गए हैं लेकिन किसान इस नए कानून को मानने को तैयार नहीं है। वो इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसलिए ही बीते 14 दिन से किसान दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले सिंधु बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। इसके बाद किसान नेताओं और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।












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