तमिलनाडु में Migrant Bihari के मुद्दे पर राज्यपाल आरएन रवि गंभीर, मजदूरों को सुरक्षा का आश्वासन, CM क्या बोले?
तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमलों के बीच सैकड़ों मजदूर रोजगार छोड़कर घर लौटने पर मजबूर हुए हैं। इसी बीच गवर्नर आरएन रवि ने मजदूरों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। जानिए पूरा मामला

तमिलनाडु में Migrant Bihari के मुद्दे पर राज्यपाल आरएन रवि ने मजदूरों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों की बेरहमी से पिटाई की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बीच राज्यपाल आरएन रवि ने प्रवासी श्रमिकों से कहा कि राज्य उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, प्रवासी मजदूरों पर घातक हमले की असत्यापित खबरों के बीच, गवर्नर ने ये भी कहा कि तमिलनाडु में रहने वाले स्थानीय लोग अच्छे और मिलनसार प्रकृति के हैं।
गवर्नर आरएन रवि की तरफ से राजभवन ने बयान जारी किया। सोशल मीडिया पर तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में पोस्ट किए गए ट्वीट में कहा गया कि बिहार के प्रवासी लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। राजभवन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, "राज्यपाल ने तमिलनाडु में उत्तर भारतीय मजदूरों से घबराने और असुरक्षित महसूस नहीं करने की अपील की है। तमिलनाडु के लोग बहुत अच्छे और मिलनसार हैं। तमिलनाडु सरकार उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले शनिवार को प्रवासी मजदूरों पर कथित हमले का मामला सामने आने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी बिहार के अपने समकक्ष नीतीश कुमार को आश्वासन दिया था कि राज्य में सभी प्रवासी मजदूर सुरक्षित हैं। तमिलनाडु पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में एक हिंदी दैनिक के दो पत्रकारों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।
सीएम स्टालिन ने अपने आधिकारिक ट्विटर (@mkstalin) पर लिखा, तमिलनाडु में प्रवासी कामगार अपने मूल राज्यों की तरह ही सुरक्षित हैं और मेरी सरकार उनके अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ है। उन्होंने कहा, "मैं हमारे देश की शांति और सद्भाव को भंग करने के घृणित इरादे से नफरत फैलाने वाली भारत विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देता हूं।"
गौरतलब है कि तमिलनाडु में विपक्षी पार्टी AIADMK के अपदस्थ नेता ओ पनीरसेल्वम ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्तव्यबद्ध। उन्होंने कहा, सरकार का इस बात पर पूरा ध्यान है कि तमिलनाडु के युवाओं को राज्य में स्थित कंपनियों में रोजगार मिले।
बता दें कि शनिवार को तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों की बेरहमी से पिटाई और दो लोगों की जान जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कोयंबटूर के जिला कलेक्टर ने कहा कि गलत सूचना फैलाई जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को तमिलनाडु में एक घटना पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए ट्वीट किया था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बिहार के दो मजदूरों की जान चली गई। सोशल मीडिया पर कुछ असत्यापित रिपोर्ट शेयर किए जाने के बाद पूरा विवाद छिड़ गया था। इसमें दावा किया गया था कि बिहार के हिंदी भाषी मजदूरों को तमिलनाडु में घृणा अपराधों का शिकार बनाया गया था।
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हालांकि राज्य पुलिस ने कहा कि श्रमिकों पर हमले के कथित वीडियो सभी नकली और भ्रामक थे, यह मुद्दा एक राजनीतिक विवाद में बदल गया है। अफवाहों के कारण दक्षिणी राज्य में बिहार से आए प्रवासी श्रमिकों में भी दहशत और भय पैदा हो गया। इस मुद्दे की गूंज बिहार विधानसभा में भी सुनी गई। मामले की गंभीरता को भांपते हुए सीएम नीतीश कुमार ने तमिलनाडु में कार्यकर्ताओं से बात करने के लिए अधिकारियों की एक टीम भेजी है।












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