Mehul Choksi: मेहुल चोकसी ने बचने के लिए रखा यूरोप का सबसे महंगा वकील, कौन हैं पॉल बिकायथ?
Mehul Choksi News: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से करोड़ों का कर्ज लेकर विदेश भागा हीरा और ज्वैलरी कारोबारी मेहुल चोकसी पकड़ा गया है। वह 12 अप्रैल 2025 से बेल्जियम पुलिस की गिरफ्त में है। PNB घोटाले के व्हिसलब्लोअर हरिप्रसाद एसवी ने मेहुल चोकसी गिरफ्तारी के बाद जो आशंका जताई वो ही होता दिख रहा है।
करोड़ों के घोटालेबाज मेहुल चोकसी ने बेल्जियम में अपनी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के खिलाफ यूरोप के सबसे महंगा वकील पॉल बिकायथ और उनके बेटे साइमन बिकायथ को हायर किया है। पॉल बिकायथ मानवाधिकार व प्रत्यर्पण से जुड़े यूरोप के कई चर्चित मामलों में पैरवी कर चुके हैं।

बता दें कि गीतांजलि जेम्स का मालिक मेहुल चोकसी दुनिया की डायमंड कैपिटल बेल्ज्यिम के शहर एंटवर्प में पत्नी प्रीति और बेटी के साथ रहता था। एंटवर्प के पॉश इलाके इलेन्चे के बिटवाइननस्ट्राट में चोकसी का अर्पाटमेंट है।
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मेहुल चोकसी की पत्नी प्रीति बेल्जियम की नागरिक हैं। भारत में उसके मानवाधिकारों को खतरा बता चोकसी ने फर्जी दस्तावेज से बेल्जियम में 'एफ रेजिडेंसी' कार्ड बनवा लिया। फरवरी में चोकसी ने मुंबई कोर्ट को बेल्जियम डॉक्टर का पर्चा पेश कर खुद को ब्ल्ड कैंसर से ग्रस्त बताया था। उसी के आधार पर चोकसी 'एफ प्लस' कार्ड बना कर इलाज के नाम पर स्विट्जरलैंड जाने की फिराक में था, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों ने बेल्जियम से सम्पर्क कर स्थानीय पुलिस के हाथों उसे पकड़वा दिया।
उल्लेखनीय है कि 65 वर्षीय मेहुल चोकसी नवंबर 2023 में ईलाज के लिए बेल्जियम गया था, जिसके बाद से वह वहीं पर रह रहा था। मेहुल चोकसी साल 2018 में भारत छोड़ने के बाद एंटीगुआ में रह रहा था। बताया जाता है कि भारतीय नागरिकता रखते हुए उसने कैरेबियाई देश की नागरिकता ले ली थी।
कौन हैं पॉल बिकायथ?
पॉल बिकायथ बेल्जियम के सबसे चर्चित और प्रभावशाली मानवाधिकार वकील माने जाते हैं। उन्होंने 1967 से 1972 तक कानून की पढ़ाई की और उसके बाद अपने करियर को मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। वह 1975 से मानवाधिकार लीग के सदस्य हैं और हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में भी वकालत कर चुके हैं।
बेल्जियम की न्यायिक प्रणाली में उनकी गहरी पकड़ रही है - 20 वर्षों तक उप-न्यायाधीश के रूप में सेवा देने के साथ-साथ ब्रुगेस बार के अध्यक्ष और फ्लेमिश बार की जनरल असेंबली के सदस्य भी रह चुके हैं। उनकी लिखी किताब "द क्रीपिंग कूप डी'एटैट - प्ली ऑफ ए रोमांटिक लॉयर" न्याय और स्वतंत्रता पर उनकी सोच को दर्शाती है।
चोकसी के बचाव में पॉल और साइमन की रणनीति
मेहुल चोकसी के वकील साइमन बिकायथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि "यह कहने की जरूरत नहीं है कि हम प्रत्यर्पण को चुनौती देने जा रहे हैं। हम भारत में निष्पक्ष सुनवाई की संभावनाओं पर भी गंभीर सवाल उठाएंगे।"
उन्होंने यह भी बताया कि चोकसी की स्वास्थ्य स्थिति-खासकर ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी-भारत प्रत्यर्पण को रोकने का एक अहम आधार होगी। साथ ही उन्होंने एंटीगुआ में चोकसी के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाइयों और इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस की वापसी को भी अहम दलील बताया।
पिता-पुत्र की मजबूत कानूनी जोड़ी
पॉल बिकायथ के बेटे साइमन बिकायथ भी एक जाने-माने वकील हैं, जिनका जन्म 1977 में हुआ था। उन्होंने 2000 में कानून की डिग्री ली और 2007 से वकालत कर रहे हैं। साइमन मानव तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति और शोषण के मामलों में पीड़ितों के वकील के रूप में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
यह पिता-पुत्र की जोड़ी यूरोप में कई हाई-प्रोफाइल प्रत्यर्पण और मानवाधिकार मामलों में पैरवी कर चुकी है। अब उनका भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक में शामिल भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी का बचाव करना इस केस को और भी जटिल और चर्चित बना देता है।












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