अपने ही DGP के खिलाफ मेघालय पुलिस ने दर्ज कर ली शिकायत, मामला जानकर आप भी चौंक जाएंगे
सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में मेघालय के डीजीपी का एक्शन उल्टा पड़ गया है। 2004 बैच के मेघालय पुलिस सेवा के अधिकारी जीके लांगराई ने अब डीजीपी लज्जा राम बिश्नोई के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी है। अपने में राज्य में घिरे पुलिस महानिदेशक ने इससे पहले चल रही खींचतान के बीच आरोप लगाने वाले ऑफीसर को डीजीपी इससे पहले ही सस्पेंड कर दिया था।
मेघालय में एक पूर्व पुलिस अधिकारी और मौजूदा डीजीपी के बीच मामले में तूल पकड़ लिया है। नौबत यहां तक आ गई कि पुलिस ऑफीसर को अपने ही डीजीपी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करानी पड़ी। मामला 2004 बैच के मेघालय पुलिस सेवा अधिकारी जी लांगराई के खिलाफ डीजीपी के एक्शन से शुरू हुआ। दरअसल, डीजीपी लज्जा राम बिश्नोई ने लांगराई को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन के बाद अब लांगराई अब डीजापी पर हमलावर हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक खिलाफ ही शिकायत दर्ज करा डाली।

डीजीपी पर लगे गंभीर आरोप
मेघालय के डीजीपी लज्जाराम विश्नोई के खिलाफ मामला गुरुवार को थाने में दर्ज किया गया। जिसमें निलंबित पुलिस अधिकारी जीके लांगराई ने बिश्नोई पर मल्टी-यूटिलिटी वैन पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। दरअसल, जीडीपी इसी वाहन को अपने आधिकारिक वाहन के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
लांगराई का 19 मई को समाप्त हो रहा कार्यकाल
पुलिस ऑफीसर जीके लांगराई का कार्यकाल इसी महीन समाप्त हो रहा है। दरअसल, वे 19 मई को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उन्होंने शिलांग में राष्ट्रव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एनईआरएस) भवन के निर्माण के लिए स्वीकृत धन के कथित दुरुपयोग के लिए 2 नवंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में 31 मार्च, 2023 को उनके खिलाफ चल रहे सभी छह मामलों में उन्हें जमानत दे दी गई।
DGP ने महंगे वाहन का किया उपयोग
इस हफ्ते गुरुवार को सदर पुलिस स्टेशन में डीजीपी के खिलाफ जीके लांगराई ने एक शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने कहा की डीजीपी अपने आधिकारिक वाहन के रूप में पंजीकरण संख्या एमएल-02-ए-0001 के साथ केआईए कार्निवल लिमोसिन का उपयोग कर रहे थे। जबकि 27 जुलाई, 2023 को सूचना के अधिकार के अनुरोध पर परिवहन विभाग की प्रतिक्रिया के अनुसार, यह पंजीकरण संख्या मेघालय सरकार के पुलिस महानिदेशक के नाम पर पंजीकृत हुंडई वर्ना 1.6 वीटीवीटी को आवंटित की गई थी। जीके लांगराई ने इसको लेकर डीजीपी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। लैंगराई ने यह भी कहा कि मेघालय के डीजीपी अधिकतम 12 लाख रुपये की कीमत वाले आधिकारिक वाहन का उपयोग करने के हकदार थे, लेकिन उन्होंने जिस वाहन का इस्तेमाल किया वह कहीं अधिक महंगा था।
वहीं डीजीपी बिश्नोई ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा कारणों से नंबर बदला गया था। उन्होंने एक मीडिया से कहा, " कभी- कभी निजी कारणों से बदमाशों को वाहन पर हमला करने से रोकने के लिए ऐसा किया जाता है... लेकिन अगर कोई गलत काम हुआ है तो कानून अपनी कार्रवाई करेगा।"












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