मिलिए, जस्टिस जगदीप सिंह से, जिन्होंने राम रहीम को उसके किए की सजा दी
नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दो साध्वियों से रेप के मामले में सीबीआई कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। राम रहीम ने रोहतक जेल में बने कोर्ट रूम में जज के सामने हाथ जोड़कर अपने गुनाहों के लिए माफी मांगी, लेकिन उसका अपराध इतना बड़ा था कि जज साहेब ने उसे सख्त सजा सुनाई। आइए जानते हैं उन जज साहेब के बारे में, जिन्होंने राम रहीम को सजा सुनाई।

2012 में हरियाणा की न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे
जगदीप सिंह को पिछले साल ही सीबीआई स्पेशल जज के लिए चुना गया था, जो कि एक न्यायिक ऑफिसर के रूप में दूसरी पोस्ट है। सिंह 2012 में हरियाणा की न्यायिक सेवाओं में शामिल हुए और उन्हें सोनीपत में तैनात किया गया। सीबीआई कोर्ट पोस्टिंग, जो आम तौर पर उच्च न्यायालय प्रशासन द्वारा कई जांच के बाद दी जाती है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी से ली हैं कानून की डिग्री
जगदीप सिंह न्यायिक सेवा में शामिल होने से पहले, वे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील थे। हरियाणा के रहने वाले सिंह ने 2000 और 2012 के बीच कई नागरिक और आपराधिक मामले उठाए थे। सिंह के साथ प्रैक्टिस कर चुके एक वकील के अनुसार, 'वे हमेशा लॉ प्रोफाइल को पसंद करते हैं और लोगों को उनकी क्षमता और अखंडता पर पूरा यकीन है'। 2000 में पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ले चुके एक न्यायिक अधिकारी ने कहा कि उन्हें बहुत मेहनती और ईमानदार अधिकारी माना जाता है।

ऐसे आए थे सुर्खियों में
जगदीप सबसे पहले सितंबर 2016 में उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब वे हिसार से पंचकुला जा रहे थे। उस दौरान उन्होंने सड़क दुर्घटना में चार लड़कों की मदद की थी। सड़क दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हुए लोगों को देखकर सिंह ने एंबुलेंस को फोन किया। काफी देर बाद जब एंबुलेंस घटना स्थल पर नहीं पहुंची तो ऑपरेटर ने उन्हें बताया कि क्या 'एंबुलेंस उड़कर आएगी'? तब उन्होंने किसी निजी वाहन को रुकवाकर घायल लोगों को हॉस्पिटल ले गए।











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