मुंबई में फैला खसरा और रूबेला, जानिए बच्चों के लिए सबसे घातक इस संक्रमण के लक्षण और बचाव
Measles spread in Mumbai, know about this infection most deadly for children
Measles spreading in Mumbai: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में इन दिनों खतरा का जबदस्त प्रकोप है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शहर की हाईलेवल टीम ने मुंबई का जायजा लिया जिसमें ये बात सामने आई कि मुंबई में इन दिनों खसरा का प्रकोप बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार बीएमसी ने गोवंडी क्षेत्र में खसरा बीमारी के कारण तीन बच्चों की मौत के बाद मुंबई के स्लम इलाकों में खसरे के मामलों की पुष्टि की है। मुंबई ही नहीं अन्य राज्यों में पिछले कुछ महीनों में खसरे का प्रकोप बढ़ा जिसके बाद केंद्र सरकार सतर्क होकर अहम कदम उठाए हैं। इस संक्रमण से बच्चों को सबसे अधिक खतरा होता है। ऐसे में आपको खसरे के लक्षण और इसके बारे में सभी बातें जान लेना बेहद जरूरी है।

क्या है खसरा ?
ये तेजी से फैलने वाला संक्रमण रोग है। खसरे का संक्रमण एक वायरल के कारण होता है जो शरीर में आसानी से फैलता है। बच्चों को जल्दी ये अपनी चपेट में लेता है और बच्चों के लिए गंभीर और घातक हो सकता है। यै संक्रामक संक्रमण है जो शरीर की सांस लेने के सिस्टम को प्रभावित करता है। वायरस पैरामाइक्सोवायरस फैमिली से है, जो पहले सांस लेने के रास्ते को प्रभावित करता है और फिर खून के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में फैलता है।
खसरे के लक्षण
खसरा रूबेला भी कहलाता है । जिसमें मरीज को तेज बुखार और लाल चकत्ते या दाने शरीर पर नजर आते हैं। व्यक्ति को तेज बुखार होता है, जो आमतौर पर खसरे का पहला लक्षण होता है। यह वायरस के संपर्क में आने के लगभग 10-12 दिनों के बाद शुरू होता है और फिर 4 से 7 दिनों तक रहता है। खसरे में खांसी, बहती नाक, लाल आंखें, गले में खराश और मुंह के अंदर सफेद धब्बे भी हो सकते हैं। खसरे में एक लक्षण चकत्ते या दाने हैं जो 7 दिनों तक शरीर पर रहते हैं। दाने आमतौर पर सिर पर दिखाई देते हैं और धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
खसरे से कैसे बचाव
खसरे से बचाव का एकमात्र तारीका वैक्सीनेशन है। टीकाकरण करवाकर ही इससे बचा जा सकता है। खसरा और रूबेला को खत्म करने के लिए, भारत ने 2017 में 9 महीने से 15 साल की उम्र के सभी बच्चों के लिए राज्यों में टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। संक्रमित वयस्कों और बच्चों को दाने दिखाई देने के बाद चार दिनों के लिए अलग-थलग कर देना चाहिए।
जानें खसरे का किन्हें है अधिक खतरा
खसरा दुनिया में सबसे अधिक मौतों का एक कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 2017 में लगभग 1,10,000 मौतें विश्व भर में हुईं, जिनमें से अधिकांश 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे। डब्ल्यूएचओ के अनुसार भारत में लगातार खसरा बढ़ रहा है। सितंबर 2022 तक देश में खसरे के 11,156 केस दर्ज हुए। खराब पोषण वाले बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। इससे बचाव के लिए वैक्सीन ना लगवाना भी एक बड़ी वजह है। गर्भवती महिलाओं भी खसरे के हाई रिस्क में आते हैं। इसमें वो लोग शामिल हैं जिन्हें एमआर (खसरा रूबेला) की वैक्सीन नहीं लगी है।












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