मायावती ने एक बार फिर से अलग राज्य का उठाया मुद्दा, कहा- हमारी सरकार बनी तो वेस्ट UP बनेगा अलग स्टेट
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने एक बार फिर से उत्तर प्रदेश को विभाजित करने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र में सत्ता में आई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक अलग राज्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
रविवार को सहारनपुर से चुनावी सभा की शुरुआत करते हुए बसपा प्रमुख ने पश्चिमी यूपी को अलग राज्य बनाने का वादा किया। अपनी पहली ही चुनावी सभा में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सिर्फ पश्चिम उत्तर प्रदेश अलग राज्य ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि यहां हाईकोर्ट बेंच भी बनाया जाएगा।

मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से बसपा के उम्मीदवार दारा सिंह प्रजापति के समर्थन में यहां एक रैली को संबोधित करते हुए, मायावती ने यह भी कहा कि भाजपा के दोबारा सत्ता में आने की संभावना बहुत कम है। मायावती ने कहा कि बीजेपी सत्ता में वापसी आसान नहीं होगी, क्योंकि उनकी कथनी और करनी में अंतर है।
आपको बता दें कि साल 2000 में उत्तर प्रदेश का एक बार बंटवारा हो भी चुका है। उससे अलग होकर उत्तरांचल बना था जिसका नाम बाद में उत्तराखंड कर दिया गया। उत्तर प्रदेश के बंटवारे की मुद्दा पहले भी मायावती उठा चुकी हैं। साल 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन सीएम मायावती ने यूपी के बंटवारे का प्रस्ताव पास किया था।
21 नवंबर 2011 को यूपी विधानसभा में मायावती ने बिना चर्चा के ये प्रस्ताव पास करा लिया था। प्रस्ताव के मुताबिक उत्तर प्रदेश के चार हिस्से होने थे। इन्हें पूर्वांचल (पूर्वी यूपी), पश्चिमी प्रदेश (पश्चिमी यूपी), बुंदेलखंड (दक्षिणी यूपी) और अवध प्रदेश (मध्य यूपी) में बांटा जाना था।
हालांकि, केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने मायावती सरकार के इस प्रस्ताव को वापस लौटा दिया था। केंद्र ने तब कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण भी मांगे थे। जैसे कि, नए राज्यों की सीमाएं कैसी होंगी? राजधानियां क्या बनेंगी? कर्ज का बंटवारा कैसे होगा?
हालांकि इस पर कुछ आगे काम हो पाता, मायावती दोबारा सत्ता में नहीं आ पाईं। 2012 में अखिलेश यादव सीएम बन गए जिन्होंने अखंड उत्तरप्रदेश का नारा दिया। आपको बता दें कि पिछले साल केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने भी पश्चिमी यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग की थी।
उन्होंने कहा था कि पश्चिमी यूपी को अलग बनना चाहिए। मेरठ राजधानी होनी चाहिए। जिस दिन पश्चिमी यूपी अलग बन गया, उस दिन ये इस देश का सबसे अच्छा और सबसे समृद्ध प्रदेश होगा। हालांकि इसके विरोध में बीजेपी नेता संगीत सोम ने कहा कि पश्चिमी यूपी अलग राज्य बना तो ये 'मिनी पाकिस्तान' बन जाएगा।
पश्चिमी यूपी अलग राज्य बनेगा?
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक जोर पश्चिमी यूपी को अलग राज्य बनाए जाने को लेकर होता रहा है। ये क्षेत्र उत्तर प्रदेश के बाकी इलाकों में सबसे उन्नत है। दिल्ली से सटा होने के कारण यहां विकास कार्य भी काफी हुए हैं।
गन्ना बेल्ट कहे जाने वाले इस हिस्से को 'हरित प्रदेश' बनाने की मांग काफी पुरानी है। आरएलडी के नेता चौधरी चरण सिंह इस मांग को लेकर मुखर रहे थे। यहां के लोगों को लगता है कि प्रदेश के विकास में सबसे बड़ा हिस्सा होने के बावजूद उनके साथ सौतेला व्यवहार होता है।












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