Ramgoolam India Visit: फर्राटेदार भोजपुरी और हिंदी बोलते हैं इस देश के प्रधानमंत्री, बिहार से खास रिश्ता
Ramgoolam Delhi Visit: मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम कल तिरुपति, आंध्र प्रदेश की अपनी यात्रा पूरी कर नई दिल्ली पहुंचे। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। जबकि मंगलवार को डॉ. रामगुलाम नई दिल्ली में राजघाट और सदैव अटल का दौरा किया। यहां पर उन्होंने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भारत में मॉरीशस और मॉरीशस में भारत
मॉरीशस और भारत का संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दोनों स्तर पर गहरा है। खासकर बनारस का मॉरीशस से विशेष लगाव माना जाता है। कहा जाता है कि जैसे बनारस में 'लघु भारत' की झलक दिखती है, वैसे ही मॉरीशस में भी 'लघु भारत' की छवि नजर आती है।

मॉरीशस में भारतीय लोगों का जलवा
मॉरीशस की कुल जनसंख्या लगभग 12 लाख है, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय मूल के लोगों की है। उन्होंने अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को आज भी जीवंत रखा है। जब भी मॉरीशस के लोग भारत आते हैं, वे बनारस की यात्रा अवश्य करते हैं।
मॉरीशस में गंगासागर और शिव मंदिर
बनारस में गंगा और भगवान शिव का वास माना जाता है। खास बात यह है कि मॉरीशस में भी गंगासागर बनाया गया है और वहाँ भगवान शिव का भव्य मंदिर स्थापित है, जहाँ नियमित रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।
बिहार से रामगुलाम का क्या रिश्ता?
भारत और मॉरीशस का रिश्ता केवल सांस्कृतिक ही नहीं बल्कि पारिवारिक भी है। डॉ. रामगुलाम का परिवार बिहार के आरा जिले के हरिगांव का मूल निवासी है। इसी हरिगांव से उनके पूर्वज मॉरीशस गए थे और फिर वहीं व्यापार कर सैटल हो गए। रामगुलाम इकलौते ऐसे विदेशी प्रधानमंत्री हैं जो धाराप्रवाह हिंदी और भोजपुरी बोलते हैं। कई मौकों पर उन्होंने खुद को भारत से जुड़ा भी माना है।
राष्ट्रपति मुर्मू से मिलेंगे रामगुलाम
मंगलवार की शाम को डॉ. रामगुलाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे नए संसद भवन का भी दौरा करेंगे और भारतीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखेंगे।
पीएम मोदी से दोस्ती
मॉरीशस के प्रधानमंत्री आठ दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। यह उनके वर्तमान कार्यकाल में भारत की पहली विदेश द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले डॉ. रामगुलाम मई 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत आए थे। तब से ही वे पीएम मोदी के खास मेहमानों में से एक हैं।
क्या बिहार राजनीति में पड़ेगा असर?
मॉरीशस और बनारस का यह जुड़ाव बिहार की राजनीति से भी जुड़ा हुआ है। आगामी बिहार चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बनारस भोजपुरी भाषी क्षेत्र है और बिहार इसके ठीक बगल में है।
बिहार में रामगुलाम के नाम की सड़क
नीतीश कुमार सरकार के कार्यकाल में हरिगांव में डॉ. रामगुलाम के नाम पर एक सड़क का नामकरण किया गया था और उनके पूर्वजों की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। इसे बिहार की राजनीति में मॉरीशस के प्रधानमंत्री को साधने की कोशिश के रूप में देखा जाता है।
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