मथुरा हिंसा का मास्टरमाइंड रामबृक्ष यादव की मौत, परिजनों को बुलाया गया शिनाख्त के लिए
लखनऊ। मथुरा में जवाहर बाग पर अवैध कब्जे का मास्टरमाइंड रामबृक्ष यादव की संभवत: मृत्यु हो गयी है। अवैध कब्जे के खिलाफ चलाये गये अभियान में 11 ऐसे शब बरामद किये गये हैं जिनकी पहचान नहीं की जा सकी हैं जिसमें से एक शव रामबृक्ष यादव के होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के डीजीपी जावीद अहम ने कहा कि रामबृक्ष यादव के सहयोगियों के 11 शव बरामद हुए हैं जिनकी पहचान की जा रही है। इन शवों के साथ मरने वालों की कुल संख्या 27 पहुंच गयी है। जावीद अहमद ने कहा कि बरामद हुए शवों में कई शवों की पहचान नहीं हो सकी है। रामबृक्ष यादव का शव की उसके सहयोगियों ने अभी तक पहचान नहीं की है। उसके शव की पहचान के लिए उसके परिवार से संपर्क किया गया है।
आपको बता दें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम से एक संस्था को रामबृक्ष यादव चलाता था और अपनी अजीबो गरीब मांगो को लेकर वह जवाहर बाग में धरने पर बैठा था। जो शव पाये गये हैं उसमें एक शव रामबृक्ष से मिलता जुलता है जिसके बाल छोटे और सफेद हैं। मथुरा के एसपी अरुण कुमार का कहना है कि शारीरिक बनावट के आधार पर लगता है कि रामबृक्ष मारा गया है।
उन्होंने कहा कि हमने रामबृक्ष यादव के परिवार वालों को शव की पहचान के लिए बुलाया गया है। पुलिस शव का डीएनए टेस्ट करायेगी जिससे इस बात की पुष्टि हो सके कि यह रामबृक्ष का ही शव है। पुलिस के अनुसार सिलेंडर ब्लास्ट में रामबृक्ष यादव व 11 लोगों की मृत्यु हो गयी थी।











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