उत्तर भारत में आंधी-तूफान ने मचाई भयंकर तबाही, अब तक 114 लोगों की मौत, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

लखनऊ। उत्तर भारत में बुधवार देर रात आए आंधी-तूफान ने अब तक 149 लोगों की जान ले ली है। 400 से ज्यादा पशु भी मारे गए। 132 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से आए तूफान से सबसे ज्यादा मौतें यूपी के आगरा में हुई हैं, जहां से 50 से ज्यादा लोगों के मरने की खबर है। इस तूफान ने भयंकर आर्थिक क्षति भी पहुंचाई है। यूपी और राजस्थान इस तूफान की वजह से सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुए हैं।

तूफान के कारण अब तक 114 लोगों की गई जान

तूफान के कारण अब तक 114 लोगों की गई जान

कानपुर नगर व देहात में 5-5, मिर्जापुर में 4, बिजनौर, जालौन, उन्नाव में 3-3, सहारनपुर, हमीरपुर में दो-दो व बरेली, पीलीभीत, चित्रकूट, रायबरेली, रामपुर, मथुरा, अमरोहा, देवरिया, भदोही, कन्नोज,बांदा, सीतापुर,संभल, इलाहाबाद, इटावा में एक-एक की मौत हुई है। वहीं राजस्थान में 37, प. बंगाल में 8, उत्तराखंड में 6 व मप्र में 6 की मौत हुई।

तूफान की वजह आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त

तूफान की वजह आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त

यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को आंधी-तूफ़ान और बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। तूफान का सबसे ज्यादा असर खेरागढ़, फतेहाबाद, पिनाहट और अछनेरा में हुआ है, आंधी के बाद हुई बारिश और ओलों के कारण जगह-जगह पेड़ गिरने की खबर है जिससे काफी समय तक यातायात प्रभावित रहा और लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पांच मई को उत्तर प्रदेश के ज्यादातर पूर्वी और पश्चिमी जिलों में तेज गति की हवाएं और रेतीला तूफान आ सकता है, वहीं राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में सात मई को धूल भरी आंधी और गर्जन की संभावना है। जिन जिलों में आंधी आने की संभावना है वो हैं गोरखपुर, बलिया, मऊ, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सीतापुर, खीरी, शाहजहांपुर, पिलीभीत, रामपुर, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, एटा, महामायानगर, मथुरा, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बागपत।

क्यों आया तूफान?

क्यों आया तूफान?

मौसम विभाग के मुताबिक एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जम्मू-कश्मीर के ऊपर बना हुआ था और दिल्ली में कम दवाब का क्षेत्र था, बंगाल की खाड़ी से आ रही हवाओं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के बीच टकराव हुआ, जिसने तूफान का रूप धारण कर लिया। इस रेतीले तूफान के चार मुख्य कारण रहे- अत्यधिक गर्मी, नमी की मौजूदगी, वातावरण में अस्थिरता और तूफानी सक्रियता।

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