कौन हैं मसाबा गुप्ता? जिन्होंने कमला हैरिस की जीत पर बयां किया 'mixed child' होने का दर्द

नई दिल्ली। कमला हैरिस 20 जनवरी, 2021 को अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर भारी मतों से जीत दर्ज की है। चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद कमला हैरिस की दुनियाभर में प्रशंसा हो रही है, कई लोंग उन्हें बधाई संदेश भी भेज रहे हैं। इस बीच बॉलीवुड की कई हस्तियों ने कमला हैरिस की जीत का स्वागत किया है और देश की सभी लड़कियों को उनका उदाहरण देते हुए बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी।

मसाबा गुप्ता ने शेयर किया भावुक पोस्ट

मसाबा गुप्ता ने शेयर किया भावुक पोस्ट

इसी कड़ी में फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम अकाउंट पर एस भावुक पोस्ट शेयर कर हैरिस को बधाई देते हुए उनके जीत की सराहना की है। अपने पोस्ट में मसाबा ने अपनी 'मिश्रित' परवरिश के बारे में एक लंबा नोट लिखा है। अपने इमोशनल पोस्ट में बात की है कि कमला हैरिस की जीत का क्या मतलब है? मसाबा गुप्ता ने अपने पोस्ट के साथ दो तस्वीरें भी शेयर की हैं जिसमें से एक उनके बचपन की तस्वीर है और दूसरी कमला हैरिस की।

नीना गुप्ता और विवियन रिचर्ड्स की बेटी हैं मसाबा गुप्ता

नीना गुप्ता और विवियन रिचर्ड्स की बेटी हैं मसाबा गुप्ता

बता दें कि फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता दिग्गज अभिनेत्री नीना गुप्ता और वेस्टइंडीज क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विवियन रिचर्ड्स की बेटी हैं। मसाबा ने पोस्ट में बताया है कि अगल-अलग देश के माता पिता होने की वजह से किस तरह के संघर्ष का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पोस्ट में समझाने की कोशिश की है कि वह किस तरह से दूसरों से अलग थीं और कैसे कमला हैरिस ने उन्हें विश्वास दिलाया कि पृथक (Different
) होना अच्छा है।

जातीयता के साथ किया संघर्ष

जातीयता के साथ किया संघर्ष

अपने बचपन और अपनी जातीयता के साथ संघर्ष के बारे में बात करते हुए मसाबा ने लिखा, 'आप जानते हैं, जब में छोटी बच्ची थी और मैंने जातीयता के बारे में समझना शुरू किया, फैक्ट यह है कि मैं एक मिक्स्ड चाइल्ड (मिश्रित बच्चा) थी...आधी कैरिबियन और आधी भारतीय, मुझे लगा था कि मैं अपनी तरह की अकेली लड़की हूं।' मसाबा बताती हैं कि जब वह अपने पिता के साथ एंटीगुआ में रहने गईं तो वहां उनकी धारणा बदल गई। इसके बाद उनकी दुनिया बदल गई और कई यात्राएं कीं।

अलग होना अच्छा है: मसाबा

अलग होना अच्छा है: मसाबा

मसाबा ने लिखा, 'एंटीगुआ की यात्रा पर मैंने अपनी तरह के कई और लोगों की खोज की, यह एक ऐसे आईने की तरह था जो मुझे कभी नहीं मिला। इसके बाद मैंने जातीयता, जो एक बड़ा शब्द है की लड़ाई में खुद को थोड़ा कम अकेला महसूस किया।' उन्होंने आगे लिखा, 'यह समझने की मेरी लड़ाई में कि मैं अलग क्यों थी। मेरा मतलब है, क्या यह इतना आसान है कि आप मुंबई की भीड़ के साथ बाकी सभी की तरह घुल मिल पाएं?' कमला की जीत देखकर मसाबा ने कहा, लेकिन आज मैं कमला हैरिस को देखती हूं और मुझे पता है कि अलग होना अच्छा है। यह बहुत बढ़िया है कि अगर आप अपनी चेन को ऊपर खींचे और रंग, त्वचा, रेस के बॉक्स को तोड़ने के लिए कड़ी मेहनत काफी है जिससे आप इतिहास बना सकते हैं।

कमला हैरिस से मिली इस बात की प्रेरणा

कमला हैरिस से मिली इस बात की प्रेरणा

कमला हैरिस की जीत का जिक्र करते हुए मसाबा ने लिखा, 'मैडम उपराष्ट्रपति, दक्षिण एशियाई मूल की पहली अश्वेत महिला इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वीपी इलेक्ट होने वाली पहली महिला हैं। मैं आपको सलाम करती हूं और आज मैं अपने वापस जाने वाली हूं और बड़ा और उज्ज्वल सपना स्केच करने वालीं हूं खुद के लिए और मेरे बाद आने वाली उन महिलाओं के लिए जो हमारे जैसी मिश्रित लड़कियां होंगी।' बता दें कि मसाबा की तरह ही कमला हैरिस भी मिश्रित महिला हैं। उनकी मां श्यामला गोपालन हैरिस भारतीय मूल की है और पिता डोनाल्ड हैरिस जमैका के हैं।

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