त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब का बयान, किसानों के आंदोलन में घुस चुके हैं माओवादी
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने किसान आंदोलन को लेकर एक विवादित बयान दिया है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आज किसान संगठनों ने भूख हड़ताल का ऐलान किया है। पिछले 19 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान लगातार कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि कृषि कानूनों के जिन बिंदुओं पर किसानों को आपत्ति है, वो उनमें संशोधन करने के लिए तैयार है। इस बीच त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने किसान आंदोलन को लेकर एक विवादित बयान दिया है। बिप्लब देब ने कहा है कि किसानों के बीच में माओवादी घुस चुके हैं, जो उन्हें अपना कैडर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने किसान आंदोलन को लेकर मीडिया से बात करते हुए कहा, 'दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मैं अपील करता हूं कि वो कम्युनिस्टों के जाल में ना फंसें। माओवादी पहले ही आपके बीच में घुस चुके हैं और वो किसानों को अपने पार्टी कैडर में बदलने की कोशिश करेंगे, जैसा कि उन्होंने मेरे राज्य में किया था।'
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40 किसान नेता आज कर रहे हैं भूख हड़ताल
आपको बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 19वां दिन है। सरकार के साथ पांच दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने आज भूख हड़ताल का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव हरिंदर सिंह लाखोवाल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'हम नींद में सोई इस सरकार को जगाना चाहते हैं। इसलिए, किसान संगठनों के 40 नेता आज दिल्ली के सभी बॉर्डर पर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इनमें से 25 किसान नेता दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर, 10 टिकरी बॉर्डर पर और 5 किसान नेता यूपी बॉर्डर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हमारी मांग है कि केंद्र सरकार किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस ले।'












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