जुम्मे पर मुलायम सिंह को मिले राजनीतिक चुम्मे
लखनऊ। अमिताभ बच्चन की फिल्म 'हम' का गाना 'जुम्मा, चुम्मा दे दे जरूर' याद होगा, जिसमें जुम्मे के दिन किये गये वादे को निभाने की बात है। लोकसभा चुनाव में मुलायम का भी हाल अमिताभ बच्चन जैसा था, बस फर्क यह है कि सपा के मुखिया से किया गया वादा सभी ने निभाया और मुलायम को राजनीतिक चुम्मा (कृपया इसे असली चुम्मा/किस मत समझें) मिला।
इस राजनीतिक चुम्मे से यह साफ है कि मुलायम को अब यकीन हो गया है कि उत्तर प्रदेश में उनके बेटे अखिलेश की सरकार वो काम नहीं कर पायी है, जिसके आधार पर वो वोट मांग सकें। इसीलिये इस समय विकास, विचारधारा या नीतियों की राजनीति को ताक पर रखकर सिर्फ धर्म और जाति की राजनीति कर रहे हैं।
यह बात इसी से साबित होती है कि हाल ही में मुंबई गैंगरेप के बलात्कारियों की पैरवी सिर्फ इसलिये की क्योंकि वो मुसलमान थे, फिर मौलानाओं से मुलाकात और अब भारी संख्या में मुसलमानों को सपा में शामिल किया, जिनमें कई उलेमा भी शामिल हैं। जरा सोचिये अगर ऐन वक्त पर मुसलमानों का मूड बदल गया तो क्या होगा?
क्या-क्या हुआ जुम्मे को
1. भाजपा, कांग्रेस और बसपा छोड़कर बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता, अधिवक्ता समेत कई लोग शुक्रवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
2. नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अरशद खान ने अपने दल का समाजवादी पार्टी में विलय कर दिया।
3. आजमगढ़ से आप की प्रत्याशी श्रीमती शबीह फातिमा फारूकी ने मुलायम सिंहं यादव के समर्थन का एलान भी किया।
4. बहराइच जनपद के 70 अधिवक्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
5. कई उलेमाओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
6. पास्टर्स वेलफेयर एसो के अध्यक्ष रेव्ह डायमंड यूसूफ ने भी अपने साथियों के साथ आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
7. उ.प्र. सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को सहयोग और समर्थन देने वचन दिया।
8. नेशनल लोकतान्त्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जौनपुर से पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान, उनके दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष मोहम्मद निसार खान ने अपने 40 पदाधिकारियों के संग समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली।
9. बहराइच के लगभग 70 अधिवक्ता भी आज समाजवादी पार्टी में शामिल हुये। जिनमें पं0 राजेश शुक्ला( पूर्व सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी), अशोक चोपड़ा, एहतिशाम जाफरी, सदन तिवारी, मो0 उल्ला खॉं सदस्य सीरत कमेटी सै0 आबिद रिजवी (शिया धर्मगुरू) अमित कुमार मिश्रा, महामंत्री तहसील बार एसो0 मुख्य रूप से शामिल हैं।
10. बहराइच के हजरत मौलाना अबुल समी खान-सरपरस्त-मसुदिया सुल्तानुल, मुफ्ती शेखुल हदीस जामिया गाजिया सय्यदउलूम बड़ी तकिया, मौलाना हिदायतुल्ला खान मुफ्ती, मो0 शरीफ अहमद एवं अरशद सिद्दीकी भी समाजवादी पार्टी के सदस्य बने।
मुलायम का मुसलमानों पर विश्वास कितना पढ़ें तस्वीरों के साथ स्लाइडर में।

मुलायम को मजबूती का भरोसा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल नए साथियों का स्वागत करते हुये उम्मीद जताई कि इनके आने से समाजवादी पार्टी को मजबूती मिलेगी।

तीसरी ताकत कांग्रेस बेदम है, भाजपा लड़ नहीं सकती
मुलायम ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस बेदम है और भाजपा से नहीं लड़ सकती है। इन दोनों दलों का केन्द्र में बहुमत नहीं आयेगा। सत्ता में तीसरी ताकत ही आएगी।

कभी नहीं तोडूंगा भरोसा
मुलायम ने कहा कि सांप्रदयिकता के खिलाफ लड़ाई में आप सबका साथ हमें ताकत देगा। हिन्दू-मुसलमानों में सद्भाव रहना चाहिए। मुस्लिम मेरे ऊपर भरोसा करते हैं, मैं भी उनके भरोसे को कभी तोडूंगा नहीं।

सभी ने कहा मुलायम बनें पीएम
इस अवसर पर सभी ने कहा कि सीमा की रक्षा और देश के सम्मान की हिफाजत श्री मुलायम सिंह यादव के प्रधानमंत्री बनने पर ही संभव है। वही देश में एकता और उम्मीद की एक किरण हैं। उन्होंने पिछड़ों, गरीबों, महिलाओं और मुसलमानों था नौजवानों को सम्मान दिया है।

मुलायम का मुस्लिम कार्ड
इस पूरे कार्यक्रम से साफ है कि मुलायम के पास अब विकास की राजनीति नहीं रह गई है। वो केवल मुस्लिम वोटबैंक के आधार पर ही चुनाव जीतना चाहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications