पर्रिकर बंद करेंगे रक्षा सौदों के दलालों की दुकानें
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) मनोहर पर्रिकर मूर्तिभंजक हैं। वे औपचारिकताओं में यकीन नहीं करते। सोमवार को साउथ ब्लाक में रक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कूटनीतिक बातें नहीं की।

साफगोई के लिए मशहूर पार्रिकर
वे साफ बोलते हैं। उन्होंने एक बार अश्वेतों पर कड़ा हमला बोला था। वे लालकृष्ण आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेता पर भी तीखी टिप्पणी कर चुके हैं। मगर उनकी योग्यता पर संदेह नहीं है। वे ईमानदार है। इस बात को प्रधानमंत्री मोदी भी मानते हैं।
जानकार कहते हैं कि पर्रिकर एनडीए सरकार के लिए बेहद खास होने जा रहे हैं। सरकार के लिए रक्षा क्षेत्र महत्वपूर्ण है। यहां पर हर साल बड़ी खरीद होती है। माना जा सकता है कि अब दलालों की दूकानें बंद हो जाएंगी।
दखल मंजूर नहीं
वरिष्ठ पत्रकार अदिति फडनीस मानती हैं कि पर्रिकर रक्षा मंत्री के रूप में अपनी छाप छोड़ेंगे। वह बेवजह के दखल को स्वीकार करने वाले शख्स नहीं हैं। इसलिए आप इस बात को लेकर निश्चिंत हो सकते हैं कि सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) और मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद इनकी कार्यवाहियों में एक नई गतिशीलता आएगी।
आईआईटी से मेटालर्जिकल इंजीनियर पर्रिकर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ताकत और कमजोरियों को अपने किसी भी पूर्ववर्ती की तुलना में बेहतर जानते होंगे। इसलिए अब डीआरडीओ के काम में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
गोवा को जानने वालों को पता है कि वे गोवा में कैसे अपनी कार से उतरकर ट्रैफिक को दिशा देने लगते हैं। एक बार वह पंजिम की सड़क पर एक ठेले पर फ्रूट सलाद खाते हुए भी नजर आए। वह पहली बार केंद्र सरकार में काम कर रहे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि वे दिल्ली में भी गोवा की तरफ सफल रहेंगे।












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