पीएम ने कही 'मन की बात', सूखे से निपटने के लिए सबको करना होगा प्रयास
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम में 19वीं बार मन की बात कही। मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भीषण गर्मी और सूखे से की। अपने विचार रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भयंकर गर्मी ने चारों तरफ सारा मजा किरकिरा कर दिया है। #MannKiBaat: बस 8190881908 पर मिस्ड कॉल करे और सुने मन की बात

उन्होंने का कि जल संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयत्नों की जरूरत है। । पीएम ने कहा कि शुद्ध पानी देश का विकास तय करता है। शुद्ध पीने का पानी जीडीपी वृद्धि का कारण बन जाता है।
'मन की बात' के मुख्य बिंदू
- इस बार राहत भरी खबर है कि इस बार मानसून काफी अच्छा होगा।
- हम किस तरह इसका फायदा लेकर बेहतर फसल पैदा करें साथ ही हमें पानी बचाने की कोशिशें करनी चाहिए।
- हम भूजल स्तर बढ़ाने की कोशिश करें साथ ही इसके संचय के उपायों पर भी ध्यान दें।
- महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के हिवरे बाजार ग्राम पंचायत ने पानी की समस्या से निपटने के लिए क्रॉपिंग पैर्टन को बदला और पानी ज्यादा उपयोग करने वाली फसलों को छोड़ने का फैसला लिया।
- उन्होंने पानी की बचत के लिए गन्ने की खेती छोड़ दी। किसानों ने फलों और सब्जियों की खेती शुरू कर दी।
- सरकार गंगा सफाई के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
- गंगा के लिए आज करोड़ों भागीरथों की जरूरत है।
- गंगा सफाई के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी।
- गंगा जीवनदायिनी है, वो हमें रोटी देती है। इसके लिए जनभागीदारी जरूरी।
- 24 अप्रैल को भारत में 'पंचायती राज दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पंचायती राज व्यवस्था का आरम्भ हुआ।
- मैं झारखण्ड में, जहां अधिकतम आदिवासी भाई-बहन रहते हैं, उस प्रदेश में जा करके 'पंचायती राज दिवस' मनाने वाला हूं।
- स्कूल में एडमिशन को लेकर काफी काम हो चुका है लेकिन अब बेहतर शिक्षा पर बात होनी चाहिए।
- अब हमें अपना फोकस स्कूलिंग की बजाय लर्निंग पर रखना होगा।
- स्किल डेवलपमेंट भी महत्वपूर्ण है।












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