Mann Ki Baat 100th episode: 100 करोड़ लोगों ने कम से कम एक बार सुना कार्यक्रम- सर्वे
Mann Ki Baat 100th episode: पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम पर आईआईएम रोहतक ने एक सर्वे किया है। इसके मुताबिक 23 करोड़ लोग इसके नियमित श्रोता हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो पर प्रसारित होने वाले मासिक कार्यक्रम मन की बात पर एक बड़ा सर्वे हुआ है। यह सर्वे आईआईएम रोहतक की ओर से किया गया है, जिसके मुताबिक 100 करोड़ लोगों ने कम से कम एक बार यह कार्यक्रम जरूर सुना है।

हिंदी समेत विभिन्न भाषाओं से डेटा जुटाए गए
रोहतक आईआईएम के डायरेक्टर धीरज शर्मा ने सोमवार को मन की बात कार्यक्रम पर किए गए सर्वे के नतीजों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि 'हिंदी समेत विभिन्न भाषाओं में कई तरह से डेटा जुटाए गए हैं।' गौरतलब है कि अगले रविवार को मन की बात कार्यक्रम का 100वां एपिसोड प्रसारित होने वाला है।
'100 करोड़ लोगों ने कम से एकबार सुना है'
रोहतक आईआईएम के डायरेक्टर के मुताबिक, 'करीब 96% लोगों को मन की बात के बारे में पता है। हमने उन उत्तरदाताओं को शामिल किया है, जिनकी उम्र लगभग 15 साल है.....96% लोग मन की बात के बारे में जानते हैं। कम से कम 100 करोड़ लोगों ने कम से एकबार सुना है।'
'23 करोड़ लोग कार्यक्रम को नियमित तौर पर सुनते/देखते हैं'
उन्होंने बताया है कि '23 करोड़ लोग कार्यक्रम को नियमित तौर पर सुनते/देखते हैं।' 30 अप्रैल को इस कार्यक्रम की 100वीं कड़ी प्रसारित होनी है, जिसके लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। इसमें पाया गया है कि लगभग 41 करोड़ लोग जो कभी-कभी यह कार्यक्रम सुनते हैं, वह नियमित श्रोता बन सकते हैं।
55% लोग जिम्मेदार नागरिक बने-सर्वे
इस सर्वे में जो 10,003 लोग शामिल किए गए, उनमें से 73 फीसदी लोग सरकार के कार्य करने के तरीके और देश की प्रगति को लेकर आशावादी नजर आए हैं। सर्वे के मुताबिक इसमें शामिल हुए 55% लोगों ने देश के जिम्मेदार नागरिक बनने की बात कही है।
'श्रोताओं से भावनात्मक संपर्क स्थापित करते हैं'
सर्वे के मुताबिक इस कार्यक्रम की विशेषताओं में यह पाया गया है कि 'नेता जानकार हैं', 'श्रोताओं से भावनात्मक संपर्क स्थापित करते हैं', 'नेता शक्तिशाली और निर्णायक हैं', उनका 'सहानुभूतिपूर्ण और प्रभावी दृषिकोण है' और वो 'नागरिकों से सीधे बात करते हैं और उनका मार्गदर्शन करते हैं।'
अलग-अलग डिवाइस पर सुनते हैं कार्यक्रम
जब लोगों से पूछा गया कि वह कार्यक्रम कैसे देखते हैं तो 19 से 34 साल के लोगों में से 62 फीसदी ने कहा है कि वह मोबाइल पर सुनना पसंद करते हैं, तो 60 वर्ष से अधिक के 3.2% लोगों का कहना है कि वह टेलीविजन पर देखना पसंद करते हैं।
रेडियो पर सिर्फ 17.6 फीसदी लोग सुनते हैं कार्यक्रम
कुल मिलाकर 44.7 फीसदी लोग मन की बात सुनने के लिए टीवी देखते हैं और 37.6 फीसदी लोग मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। वहीं रेडियो इस्तेमाल करने वालों की संख्या सिर्फ 17.6 फीसदी है।
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