प्रधानमंत्री पर गाढ़ी हुई कोयले की कालिख, आरोपी नंबर 1 बने!

जी हां पूर्व कोयला सचिव प्रकाश चंद्र पारेख ने कहा है कि अगर केंद्रीय जांच ब्यूरो को कोयला ब्लॉक आवंटन की सही जांच करनी है, तो सबसे पहले प्रधानमंत्री को आरोपी बनाये, क्योंकि जो कुछ भी फैसले हुए उन पर उन्हीं के हस्ताक्षर हुए हैं।
पारेख ने कहा कि आरोपियों के कठघरे में मनमोहन सिंह के नहीं होने से सीबीआई ठीक ढंग से जांच नहीं कर पा रही है। अगर सीबीआई को किसी नतीजे तक पहुंचना है तो सच और झूठ में फर्क जानना होगा और वह फर्क तभी महसूस होगा, जब सभी को एक समान माना जाये। सीबीआई के अनुसार हिंडाल्को को कोयला ब्लॉक आवंटित करना एक साजिश थी, तो उस के सभी कागजातों पर मनमोहन सिंह के हस्ताक्षर थे। उन्हीं ने ही यह आवंटन मंजूर किया था।
पारेख 2004 में कोयला सचिव थे और उस समय यूपीए के तमाम नेताओं ने उन्हें पद से हटाने की कोशिशें कीं, लेकिन सेवानिवृत्त होने तक वह अपने पद पर बने रहे। सीबीआई द्वारा दायर की गई चार्जशीट में उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के साथ-साथ पारेख का भी नाम आया है। अपने खिलाफ एफआईआर देख पारेख भड़क गये और उन्होंने सीधे पीएम पर निशाना साध लिया।












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