Manipur में कई जगह नहीं थम रहा बवाल, हिंसक भीड़ ने घरों में लगाई आग, इंफाल पश्चिम में हालात बेहतर
मणिपुर की राजधानी इंफाल में गुरुवार दोपहर बाद कम से कम दो घरों में हिंसक भीड़ ने आग लगा दी। यह घटना खामेनलोक इलाके में बुधवार को हुए उस हमले के बाद हुआ है, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी और 10 लोग जख्मी हो गए थे। हालांकि, इंफाल पश्चिम जिले में हालात सुधरने के बाद शुक्रवार को आवाजाही के लिए थोड़ी राहत की भी घोषणा की गई है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया है कि सुरक्षा बल हिंसक भीड़ को हटाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इन्हें बल का प्रयोग करने और आंसू गैसे के गोलों का इस्तेमाल करने को मजबूर कर दिया। यह वारदात इंफाल के न्यू चेकॉन इलाके में हुई है।

हिंसक भीड़ ने दो घरों में लगाई आग
मणिपुर में हाल में हुई हिंसक घटनाओं के बाद सेना और असम राइफल्स ने 'एरिया डॉमिनेशन' ऑपरेशन तेज कर दिया है। उसी दौरान गुरुवार को यह घटना सामने आई है। सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियों ने गश्त बढ़ा दी है और जहां भी बैरियर लगाए गए थे, उन्हें हटाए जा रहे हैं।
सेना चला रही है 'एरिया डॉमिनेशन' ऑपरेशन
सेना की ओर से एक ट्वीट में कहा गया है कि 'सेना और असम राइफल्स की ओर से एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन तेज किया गया है, जो कि हाल की हिंसक घटनाओं में आई तेजी के बाद चलाया गया है। 'मणिपुर भारतीय सेना के Spear कोर के ऑपरेशनल क्षेत्र में पड़ता है। इसने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है, 'लंबी अवधि के स्व-निहित सैन्य दलों द्वारा सीमांत क्षेत्रों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में डॉमिनेशन का काम चल रहा है।'
इंफाल पश्चिम में हालात में सुधार, शुक्रवार को पाबंदियों में ढील की घोषणा
इस बीच मणिपुर सरकार ने कुछ क्षेत्रों में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार को देखते हुए लोगों की आवाजाही में शुक्रवार को थोड़ी राहत देने का ऐलान किया है। यह राहत इंफाल पश्चिम जिले के मीतेई लांगोल अनुसूचित क्षेत्र को छोड़कर सभी इलाकों के निवासियों को 16 जून (शुक्रवार) सुबह 5 बजे से 1 बजे तक के लिए दी गई है।
बुधवार को हिंसा में 9 लोगों की हुई थी मौत
बुधवार की सुबह इंफाल पूर्वी और कांगपोकी जिलों की सीमा पर खामेनलोक इलाके में एक कुकी गांव पर हमला बोल दिया गया था। यहां उपद्रवियों ने गांव और गांव वालों पर बंदूकों से हमला बोला था, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी और 10 अन्य जख्मी हो गए थे।
महिला मंत्री के घर में भी लगा दी गई थी आग
बाद में बुधवार शाम को अन्य उपद्रवियों ने मणिपुर की महिला मंत्री नेमचा किप्गेन के पश्चिमी इंफाल जिले में स्थित लाम्फेल इलाके के आधिकारिक आवास में आग लगा दी थी। हालांकि आग आसपास के इलाकों में फैलती उससे पहले ही दमकलकर्मियों ने उसपर काबू पा लिया।
मणिपुर हिंसा में अबतक 100 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत
मणिपुर में पिछले महीने मीतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। राज्य सरकार ने प्रदेश के 11 जिलों में कर्फ्यू लगा रखा है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर रखी हैं।
यह हिंसा 3 मई को 'आदिवासी एकता मार्च' के बाद भड़की थी। यह मार्च मीतेई समुदाय के अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के खिलाफ सभी पहाड़ी जिलों में आयोजित किया गया था। मीतेई समुदाय की आबादी राज्य में करीब 53 फीसदी है, जो कि अधिकांश तौर पर इंफाल घाटी में रहते हैं। जबकि आदिवासी नागा और कुकी समुदाय महज 40 फीसदी हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं।












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