'मुझसे पूछा गया था बेटी जिंदा चाहिए या मुर्दा...', मणिपुर में रेप-हत्या पीड़िता की मां की दर्द भरी दास्तां

मणिपुर के कांगपोकपी इलाके में 4 मई 2023 को कथित तौर पर गैंगरेप के बाद मारी गई दो आदिवासी महिलाओं में एक की मां ने कहा है कि , मुझे अब भी उम्मीद है कि मेरी बेटी वापस आ जाएगी।"

मणिपुर के कांगपोकपी इलाके में कार वॉश में काम करने वाली 21 और 24 साल की दो आदिवाली महिलाओं की गैंगरेप के बाद मौत हो गई थी। ये घटना उसी दिन हुई थी, जिस दिन दो कुकी महिलाओं को उसी इलाके में नग्न कर घुमाया था। 3 मई को मणिपुर में जातीय हिंसा झड़पें हुई थीं।

Manipur violence

मणिपुर के एक ही गांव दो आदिवाली महिलाएं इंफाल के कार धोने की एक दुकान में काम करती थीं। 4 मई को भीड़ द्वारा कथित तौर उनका अपहरण, गैंगरेप और हत्या कर दी गई थी।

घटना के बाद, पीड़ितों में से एक की मां ने 5 मई को सैकुल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने 16 मई को एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य भर में दर्ज 6 हजार से अधिक एफआईआर में बलात्कार का सिर्फ एक मामला था।

इंडिया टुडे के मुताबिक पीड़ितों में से एक की मां ने को बताया कि हिंसक झड़प से पहले उनकी बेटी अपने भाई-बहनों की मदद के लिए कार धोने की शॉप पर काम करती थी। वह उसी गांव की एक अन्य महिला के साथ किराए के मकान में रहती थी। मणिपुर में झड़प शुरू होने के एक दिन बाद, पीड़िता की मां अपनी बेटी से संपर्क नहीं कर पाई।

मां बोली- एक औरत ने पूछा- बेटी जिंदा चाहिए या मरी हुई...

पीड़िता की मां ने कहा, "जब हिंसा शुरू हुई, तो मैं चिंतित हो गई, इसलिए मैं बार-बार अपनी बेटी को फोन करती रही। हालांकि, उसने फोन नहीं उठाया। बाद में, एक मैतेई महिला ने फोन उठाया और मुझसे पूछा कि 'क्या मैं अपनी बेटी को जिंदा देखना चाहती हूं या मरा हुआ चाहती हूं।' इतना बोलकर उसने फिर फोन काट दिया।"

उन्होंने कहा, उसके बाद हमें पता चला कि दोनों की हत्या कर दी गई है। जब उनसे पूछा गया कि उनकी बेटी की मौत से पहले उनके साथ क्या हुआ था, इसके बारे में उन्हें कैसे पता चला, तो पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें बाद तक इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं थी।

पीड़िता की मां बोली- 'पुलिस से कोई जानकारी नहीं मिली'

घटना के संबंध में मामला दर्ज होने के बाद की गई कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर पीड़िता की मां ने कहा, ''हमें पुलिस या किसी अन्य अधिकारी से मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।''

एफआईआर के मुताबिक उपद्रवी, कथित तौर पर मैतेई युवा संगठन सहित विभिन्न संगठनों के सदस्य थे, उन पर 302 (हत्या), 375 (बलात्कार), और 366 (अपहरण) सहित आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

'हमारे गांव पर हमला किया गया, जला दिया गया'

पीड़िता की मां ने कहा कि जब उन्हें अपनी बेटी की मौत की खबर मिली तो उनके गांव पर हमला किया गया और उसे जला दिया गया। उनके परिवार को जंगल में भागना पड़ा और फिर एक राहत शिविर में रहना पड़ा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+