Manipur: राजभवन की ओर मार्च करना चाहते थे छात्र, पुलिस से झड़प में 40 जख्मी
Manipur News: इंफाल में मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ झड़प में 40 से ज़्यादा छात्र घायल हो गए। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों ने डीजीपी और राज्य सरकार के सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग को लेकर राजभवन की ओर मार्च करने की कोशिश की।
इस विरोध प्रदर्शन में हजारों छात्र और महिला प्रदर्शनकारियों ने बीटी रोड पर राजभवन तक पहुंचने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें कांग्रेस भवन के पास सुरक्षा बलों ने रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर और ग्लास मार्बल के बॉल फेंके, जिससे अधिकारियों को उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

मणिपुर विश्वविद्यालय के छात्र भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, उन्होंने रैली निकाली और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला जलाया। इसके बाद वे राज्य सचिवालय की ओर बढ़े, लेकिन उन्हें इंफाल पश्चिम जिले के काकवा में रोक दिया गया। छात्र मणिपुर में कानून व्यवस्था को संभालने में कथित विफलता के लिए डीजीपी और सुरक्षा सलाहकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'झड़पों में 40 से ज़्यादा छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।' बिगड़ते हालात को देखते हुए इंफाल के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है, जिससे लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने से रोका जा रहा है। इसके अलावा, थौबल में बीएनएसएस की धारा 163 (2) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
मणिपुर सरकार ने छात्र आंदोलन के तेज़ होने के बीच पूरे राज्य में इंटरनेट सेवाओं को पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य सोशल मीडिया के ज़रिए छवियों, अभद्र भाषा और नफ़रत भरे वीडियो के प्रसार को रोकना है।
इसके अलावा, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्र ने मणिपुर में सुरक्षा ड्यूटी के लिए सीआरपीएफ की दो अतिरिक्त बटालियनों की तैनाती का आदेश दिया है, जिसमें करीब 2,000 जवान होंगे। इस कदम का उद्देश्य जातीय संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करना है।












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