मणिपुर विधानसभा चुनाव: नगा महिला संघ ने चुनाव आयोग से की पहले चरण की मतदान तारीख बदलने की मांग, जानें क्यों
नगा महिला संघ (NWU) ने चुनाव आयोग से 27 फरवरी को होने वाले मणिपुर विधानसभा चुनाव की पहली मतदान तिथि को बदलने का आग्रह किया है।
इम्फाल, 26 जनवरी। नगा महिला संघ (NWU) ने चुनाव आयोग से 27 फरवरी को होने वाले मणिपुर विधानसभा चुनाव की पहली मतदान तिथि को बदलने का आग्रह किया है। राज्य में नगा महिला संगठन की सर्वोच्च संस्था नगा महिला संघ ने कहा कि रविवार को ईसाईयों की प्रार्थना का मुख्य दिन होता है, इसलिए वे रविवार को अपना वोट नहीं डाल पाएंगे।

अन्य दलों ने भी रखी यही मांग
इससे पहले, विपक्षी कांग्रेस, ऑल मणिपुर क्रिश्चियन ऑर्गनाइजेशन, मणिपुर इकाई एनपीएफ के अध्यक्ष और वन और पर्यावरण मंत्री अवांगबो न्यूमई, ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर और कुकी इंपी मणिपुर ने भी यही मांग की थी। बता दें कि मणिपुर में विधानसभा की 60 सीटों के लिए 2 चरणों में चुनाव होंगे. पहला चरण के तहत 27 फरवरी (रविवार) को मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण के तहत 3 मार्च को चुनाव होना है। वहीं चुनाव के परिणाम 10 मार्च को आएंगे।
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पहले चरण में 38 सीटों पर होगा मतदान
नगा महिला संघ ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है, जहां सामाजिक बहुलतावाद को संविधान में प्रधानता दी गई है अत: हमें इस सिद्धांत पर अमल करना चाहिए। बता दें कि पहले चरण में विधानसभा की 38 सीटों पर मतदान होना है, जिसमें से नौ सीटें सैकुल, कांगपोकपी, सैतु, टिपाईमुख, थानलोन, हेंगलप, चुराचंदपुर, साईकोट और सिंघाट के पहाड़ी जिलों में हैं, जबकि 29 सीटें घाटी जिलों में हैं।
ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं का रखा जाए ख्याल
नगा महिला संघ ने कहा कि पहाड़ी जिलों के इन नौ विधानसभा क्षेत्रों में ईसाई बहुल आबादी रहती है और मतदान की तारीख रविवार को सुनिश्चित करना ईसाई समुदाय की धार्मिक भावना के विरुद्ध है। हमें इस समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए चुनाव की तारीख को बदलना चाहिए।












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