मणिपुर: सहयोगी एनपीपी को परजीवी कहने वाले प्रवक्ता चोंगथम बिजॉय भाजपा से निलंबित
इंफाल, 12 फरवरी: भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर के अपने मुख्य प्रवक्ता चोंगथम बिजॉय सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। बिजॉय को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। चोंगथम बिजॉय ने राज्य में भाजपा की सहयोगी दल एनपीपी पर टिप्पणी करते हुए उसको परजीवी कहा था। उनके इसी बयान के चलते भाजपा ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी ने कहा कि बिजॉय सिंह को अनुशासनहीनता के कारण छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।

बिडॉय ने कहा था कि नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) एक परजीवी है, जो पिछले पांच साल से भाजपा के लिए संकट खड़ी कर रही है। एनपीपी ने इस बयान को गठबंधन धर्म के खिलाफ बताया था। निलंबन के बाद बिजॉय ने भी बागी तेवर दिखाते हुए कहा है कि उनको बिना कारण बताओ नोटिस जारी किये बिना निष्कासित किया गया है। साथ ही उन्होंने उरीपोक सीट से जदयू के उम्मीदवार केएच सुरेश का समर्थन करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मैं खुद इस सीट से चुनाव लड़ना चाहत था लेकिन टिकट नहीं मिला। अब मैं सुरेश का समर्थन करुंगा।
मणिपुर में हो रहे विधानसभा चुनाव
मणिपुर में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। 60 विधानसभा सीटों वाले मणिपुर में दो फेज में- 28 फरवरी और 5 मार्च को वोटिंग होगी। 10 मार्च को वोटों की गिनती होगी और नतीजों का ऐलान किया जाएगा। मणिपुर में बीजेपी इस समय सत्ता में हैं। वहीं कांग्रेस मुख्य विपक्षी है। इन दोनों दलों में ही इस चुनाव में मुख्य टक्कर मानी जा रही है। मणिपुर में बीते विधानसभा चुनाव यानी 2017 के चुनाव में भी कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला हुआ था।2017 में कांग्रेस को 28, बीजेपी को 21, नेशनल पीपल्स पार्टी और नगा पीपल्स फ्रंट को चार-चार सीटें मिली थीं। एलजेपी को बीते चुनाव में एक सीट मिली थी।












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