Round Up: मणिपुर में शनिवार को दूसरे चरण की वोटिंग, 12 केंद्रों पर पुनर्मतदान, अहम बातें
इम्फाल, 4 मार्च। मणिपुर में शनिवार 5 मार्च को दूसरे चरण के लिए मतदान होगा जिसमें राज्य की 22 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। राज्य विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण में 28 फरवरी को मतदान हुआ था।

दूसरे चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है उनमें पहाड़ी क्षेत्र की 11 विधानसभा सीटों भी हैं जहां पर नगा जनजाति का बाहुल्य है। इन सीटों पर कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मणिपुर नगा हिल इस बार के चुनाव में महत्वपूर्ण रोल अदा करने जा रही है।
इसके साथ ही चुनाव आयोग ने पहले चरण की 5 विधानसभा सीटों के 5 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान के लिए आदेश दिया है। आयोग ने संबंधित रिटर्निग अधिकारियों द्वारा प्राप्त तथ्यों और सूचनाओं के आधार पर इसकी सिफारिश की थी। इन सभी मतदान केंद्रों पर शनिवार 5 मार्च को दूसरे चरण के साथ ही वोटिंग होगी। ये मतदान केंद्र कुंद्राकपम, सैतू, थनलोन, हेंगेल्प और चूड़चंदपुर विधानसभा क्षेत्रों में हैं।
कांग्रेस ने लगाया बीजेपी पर आरोप
राज्य में दूसरे चरण के मतदान के पहले कांग्रेस ने बीजेपी पर केंद्र सरकार आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए प्रतिबंधित उग्रवादी समूह को 17 करोड़ रूपये जारी किए गए हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा "केंद्रीय गृह मंत्रालय और भाजपा राज्य सरकार ने मणिपुर में आदर्श आचार संहिता के आश्चर्यजनक उल्लंघन में ऑपरेशनल निलंबन के तहत प्रतिबंधित उग्रवादी समूहों को 1.2.22 को 15.7 करोड़ रुपये और 1.3.22 को 92.7 लाख रुपये जारी किए हैं। इसने 4 जिलों में चुनाव का मखौल उड़ाया है।"
जयराम रमेश मणिपुर चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भी हैं। उन्होंने ट्वीट के साथ एक लिखित बयान भी शेयर किया है जिसमें कहा गया है कि इन भुगतानों ने ये साफ हो गया है कि पहले चरण में चूड़चंदपुर और कांगपोककी जिलों में चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण नहीं रहे हैं।
विधायकों की संपत्ति में भारी इजाफा
पिछले 5 वर्षों में मणिपुर के विधायकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है। 2017 में चुने गए विधायकों की संपत्ति पिछले 5 सालों में दोगुने से अधिक बढ़ गई है। माय नेता ने मणिपुर में उम्मीदवारों के हलफनामें में बताई संपत्ति के विश्लेषण के आधार पर बताया है कि पिछले पांच साल में पद पर रहते हुए विधायकों और मंत्रियों ने भारी संपत्ति जुटाई है।
मणिपुर में फिर से चुनाव लड़ने वाले विधायकों की औसत आय में दो से तीन गुना की वृद्धि हुई है। 2017 में विभिन्न दलों से और निर्दलीय रूप में फिर मैदान में उतरे 60 विधायकों की औसत संपत्ति 2.28 करोड़ थी जबकि 2022 में फिर से चुनाव लड़ रहे इन 60 विधायकों की औसत संपत्ति 4.22 करोड़ रुपये हैं।












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