मणिपुर हमला: गलत डाटा की वजह से शर्मसार हुआ भारत
नई दिल्ली। मणिपुर भारतीय सेना के 18 जवानों के मारे जाने के बाद इस बात का खुलासा हुआ कि ये आतंकी किस तरह से सेना पर इस हमले के लिए पूरी तरह से तैयार थे। लेकिन जिस तरह से आतंकियों के बारे में गलत जानकारी सेना को दी गयी थी वो इस हमले के पीछे की सबसे बड़ी वजह बनी है।

गलत एफआईआर दर्ज की गयी
मणिुपर आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हुए थे, वहीं एनआईए की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि आतंकियों के बारे में जो जानकारी उनके पास थी वह गलत थी जिसे एफआईआर में फिर से ठीक भी कराया गया है। इस एफआईआर में यह दर्ज किया गया है कि हमले के पीछे एनएससीन का हाथ था, लेकिन इस संगठन के सदस्यों की जानकारी गलत थी।
एफआईआर में एनआईए ने कुघालू मोलाटोनू और अलेजो चेलसंग का नाम लिखा गया था जबकि वो इस संगठन के सदस्य है। लेकिन एनआईए की इस गलत जानकारी के चलते सेना के खिलाफ आतंकी इतना बड़ा हमला करने में सफल हुए, अब इसके पीछे गलती किसकी है यह जांच का विषय है।
पुलिस ने दी गलत जानकारी
एनआईए को गलत जानकारी दिये जाने के लिए राज्य की पुलिस जिम्मेदार है। पुलिस को जमीनी हकीकत के बारे में जानकारी होती है और पुलिस की जानकारी के बाद ही इन लोगों के नाम को एफआईआर में दर्ज किया गया था। मणिपुर पुलिस के अनुसार चेलसंग और कुघालू एनएससीएन के जनरल सेक्रेटरी बताये गये हैं।
एफआईआर में फिर से किया जाएगा फेरबदल
इस गलत जानकारी के बाद एनआईए ने एफआईआर को फिर से सुधारने की तैयारी की है। एफआईआर में लिखा गया है कि इस हमले के पीछे एनएससीएन, केसीके और केवाईकेएल का हाथ है। इस हमले में एनएससीएन ने मुख्य भूमिका निभाई थी जबकि अन्य संगठनों ने मदद मुहैया करायी थी।












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