पत्नी के तानों से परेशान पति पहुंचा हाईकोर्ट, मिला इंसाफ
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां पति अपनी पत्नी के तानों से परेशान होकर कोर्ट पहुंच गया।
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां पति अपनी पत्नी के तानों से परेशान होकर कोर्ट पहुंच गया। पत्नी के तानों से परेशान इस शख्स को आखिरकार हाईकोर्ट से इंसाफ मिल गया। पत्नी के तानों को क्रूरता मानते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 62 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति की 56 वर्षीय महिला से तलाक की अपील को स्वीकार कर लिया। हालांकि कोर्ट ने उसे अपनी तलाकशुदा पत्नी को गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है।

औलाद ना होने पर पति को ताने
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां पति अपनी पत्नी के तानों से परेशान होकर कोर्ट पहुंच गया। पत्नी के तानों से परेशान इस शख्स को आखिरकार हाईकोर्ट से इंसाफ मिल गया। पत्नी के तानों को क्रूरता मानते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 62 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति की 56 वर्षीय महिला से तलाक की अपील को स्वीकार कर लिया। हालांकि कोर्ट ने उसे अपनी तलाकशुदा पत्नी को गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है।

फैमिली कोर्ट ने ठुकराई अपील
व्यक्ति ने कोर्ट में कहा कि उसकी पत्नी उसके साथ बेहद खराब व्यवहार करती है। कई बार उसकी पत्नी बिना सबूत के उसपर झूठे आरोप भी लगा चुकी है। हालांकि फैमिली कोर्ट ने 2010 में उसकी तलाक की अपील को ठुकरा दिया। इसके बाद इस व्यक्ति ने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट में दाखिल अपनी अपील में इस शख्स ने कहा कि वह अपनी पत्नी के तानों से बेहद तंग आ चुका है।

हाईकोर्ट ने माना क्रूरता
कोर्ट में उसने कहा कि वह अपनी पत्नी से कानूनी तौर पर अलग होना चाहता है। उसने बताया कि उसकी पत्नी संतान ना होने के लिए भी उसे ही दोष देकर ताने सुनाती है। कोर्ट ने दोनों तरफ का पक्ष सुनकर निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए इसे क्रूरता की श्रेणी में रखा और तलाक की अपील पर मुहर लगा दी। हालांकि तलाक की अपील स्वीकार करते हुए कोर्ट ने इस व्यक्ति को अपनी तलाकशुदा पत्नी को गुजारा भत्ते के रूप में हर महीने का खर्च देने का निर्देश दिया।












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