ममता को नहीं मोदी पर 'ममता', कहा रस्सी में बांधकर मोदी को भेजो जेल

उन्होंने कहा, मोदी को इतिहास या भूगोल का कोई ज्ञान नहीं है। भड़काऊ भाषण देकर वे चुनाव जीतने की फिराक में हैं। इसी तरह के भड़काऊ भाषण से असम में खून-खराबा मचा है। ऐसे नेताओं की कमर में रस्सी बांधकर जेल में डाल देना चाहिए।
नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना ममता ने उन्हें 'कामरेड दंगाबाज' करार देते हुए कहा,1947 के देश बंटवारे अथवा 1971 की लड़ाई के समय जो भी इस राज्य में आया, वह अब यहां का नागरिक है। उनके पास राशन कार्ड है। मतदाता सूची में उनका नाम हैं। मोदी को सबसे पहले उन्हें वापस भेजकर दिखाना होगा।
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बंगाली-अबंगाली अथवा हिन्दू-मुस्लिम में भेदभाव की बात सरासर गलत है। इस राज्य में अब कोई शरणार्थी नहीं हैं। ऐसी गैर जिम्मेदाराना बयानों से ही असम में हिंसा भड़की है। वहां निर्दोष लोगों की हत्या की जा रही है। महिलाओं व बच्चों को भी नहीं छोड़ा जा रहा।
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर केंद्र की कांग्रेस सरकार और भाजपा पर चुप रहने का आरोप लगाते हुए कहा,हत्या, दंगा दानवीय शक्तियों का काम हैं। ये शक्तियां कभी मानवीय नहीं हो सकतीं। ममता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में राजनीति न कर पाये इसलिए भाजपा, कांग्रेस व माकपा एकजुट विरोध की राजनीति कर रही है। माकपा ने अपना आधा झंडा भाजपा और आधा कांग्रेस को बेच दिया है।
इन्हीं जुबानी हमलों के बीच मोदी-ममता जंग लगातार जारी है। एक ओर मोदी असम हिंसा को केन्द्र सरकार की लापरवाही से जोड़कर बता रहे हैं, वहीं, कपिल सिब्बल के स्वर में स्वर मिला रही ममता ने मोदी को इन हमलों का जिम्मेदार बताया है।












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