कल वोट देने वाले आज अपने ही देश में शरणार्थी बन गए: ममता बनर्जी

कोलकाता। असम एनआरसी का मुद्दा लगातार गर्माता जा रहा है। मंगलवार को राज्यसभा में जहां एक ओर अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा तो वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने नगरिकता विवाद मुद्दे पर बीजेपी सरकार को जमकर घेरा। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में एनआरसी मुद्दे पर एक बार से बीजेपी पर हमला बोला है। ममता ने कहा कि वर्तमान सरकार के लिए पिछले चुनाव में 40 लाख से अधिक लोगों ने वोट दिए थे, लेकिन आज वे अपने ही देश में शरणार्थी हो गए हैं।

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ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, असम में क्या चल रहा है? एनआरसी की समस्या है। यह केवल बंगाली नहीं हैं, ये अल्पसंख्यक भी हैं। यह हिंदू हैं, यह बंगाली हैं और बिहारी हैं। कल जिन 40 लाख लोगों ने सत्तारूढ पार्टी के लिए वोट किए थे, वह आज अपने ही देश में शरणार्थी बन गए हैं। मैं अपनी मातृभूमि को आशा में नहीं देखना चाहती हूं, मैं अपनी मातृभूमि को विभाजित नहीं देखना चाहती हूं।

ममता ने आगे कहा कि, हम बंगाल में ऐसा नहीं करने देंगे, क्योंकि हम लोग यहां है। आज ये लोग वोट भी नहीं दे सकते हैं। मैं यह देखकर आश्चर्यचकित हूं कि, हमारे पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के परिवार वालों के नाम एनआरसी लिस्ट से काट दिए गए हैं। ऐसे लाखों लोगों का नाम इस लिस्ट में नहीं हैं।

ममता ने यह भी कहा कि किसी भी अच्छी वजह के लिए लड़ना गलत है तो हम ये गलती करेंगे। उन्होंने नाम न लेते हुए कहा कि सिर्फ एक ही पार्टी के सदस्यों का अधिकार है कि वे देश से प्यार करें।

ममता ने कहा कि, अगर बंगाली कहे कि बिहारी बंगाल में नहीं रह सकते हैं। दक्षिण भारतीय लोग नहीं कह सकते हैं कि उत्तर भारतीय लोग यहां नहीं रह सकते है और उत्तर भारतीय कभी दक्षिण भारतीयों से यह नहीं कह सकते हैं कि वे नॉर्थ इंडिया में नहीं रह सकते हैं। इस देश की स्थिति क्या होगी, क्योंकि हम एक साथ हैं। हमारा देश एक परिवार है।

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