ममता के बैरी, भाजपा के हितैषी, जानिए जगदीप धनखड़ के कब-कब हिलाया बंगाल
नई दिल्ली, 16 जुलाई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को घोषणा की कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति के आगामी चुनाव के लिए एडीए की ओर से उम्मीदवार होंगे। धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर विपक्षी पार्टी खासकर बंगाल सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा ने मास्टर स्ट्रोक खेला है। याद रहे धनखड़ ही वो शख्स हैं जिन पर तूणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया ममता कई बार भाजपा समर्थित राज्यपाल होने का आरोप लगा चुकी हैं। इसके पीछे की वजह भी है कि धनखड़ ने बंगाल राज्यपाल बनने के बाद से ममता सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोल रखा था। आए दिन अपने बयानों से बंगाल को हिलाते रहे हैं।

ममता बनर्जी और ममता के बीच रहा है छत्तीस का आंकड़ा
किसान के बेटे जगदीप धनखड़ को भारत के दूसरे सर्वोच्च पद उपराष्ट्रपति के लिए एनडीए की ओर से राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाया है, वो धनकड़ पश्चिम बंगाल की शेरनी ममता बनर्जी पर अब तक कई बार हमला कर चुके हैं। राज्य में विश्वविद्यालयों से लेकर राजनीतिक हिंसा तक के मुद्दों पर धनखड़ अक्सर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मुंहजुबानी फाइट करते रहे हैं। वहीं धनखड़ अपने विवादित बयानों के चलते कई बार ट्रोल हो चुके हैं।
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पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति चल रही
मां काली डॉक्यूमेंटी का सिगरेट पीते हुए पोस्टर पर बवाल मचने के बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी एक विवादित बयान दे डाला था। हालांकि टीएमसी ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया था और कहा था कि ये उनकी व्यक्तिगत सोच है लेकिन धनखड़ ने इस मद्दे पर टीएसी को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि
"हाल ही में देवी काली के बारे में कुछ टिप्पणियां की गई थीं, उन टिप्पणियों को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। ऐसा इसलिए है क्योंकि पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति चल रही है, जहां एक विशेष समुदाय के लोगों को संरक्षण दिया जाता है और सभी लाभ और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह तुष्टीकरण की राजनीति देश की लोकतांत्रिक प्रकृति के खिलाफ है और अंतत: समाज और राज्य को बर्बाद कर देगी।"

टीएमसी के जिहाद वाले बयान पर लिखा था ये सीएम को पत्र
जून महीने के अंत में तृणमूल कांग्रेस ने 21 जुलाई को 'भाजपा के खिलाफ जिहाद दिवस'म नाने का ऐलान किया तो धनखड़ ने ममता बनर्जी को पत्र लिखा और टीएमसी के इस बयान की निंदा की थी। सीएम ममता को लिखे पत्र में कहा था-
"आपसे 21 जुलाई, 2022 को भाजपा के खिलाफ 'जिहाद' की इस सबसे असंवैधानिक घोषणा को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया जाता है।"

शुुभेन्दु की शिकाायत पर धनखड़ ने टीएमसी को दी थी ये सलाह
तब बंगाल के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी में बगावत कर भाजपा ज्वाइन की तब उन्होंने राज्यपाल धनखड़ को पत्र लिखा और टीएमसी पर आरोप लगाया था कि
भाजपा ज्वाइन करने के बाद से ममता सरकार मुझे और मेरे प्रशंसकों को पुलिस और प्रशासन के जरिए परेशान कर रही है। संवैधानिक रूप से आप राज्य के मुखिया हैं। मेरी मदद करें,
इस पर धनखड़ ने कहा था
मुझे समझ में नहीं आता कि किस विवेक और परिप्रेक्ष्य के आधार पर हमारे देश के किसी अन्य क्षेत्र के व्यक्ति को 'आउटसाइडर' कहा जाता है। यह संस्कृति असंवैधानिक है। अगर कोई ऐसा कहता है तो मैं उनसे भारतीय संविधान को पढ़ने का अनुरोध करूंगा।

बीरभूम में आठ लोगों को जिंदा जलाने की घटना पर टीएससी को धनखड़ ने घेरा था
धनखड़ ने बंगाल के बीरभूम जिले में टीएमसी नेता की हत्या के बाद आठ लोगों को जिंदा जलाने की घटना का वीडियो शेयर कर इस घटना पर दुख जताते हुए लिखा था कि
भयानक हिंसा और आगजनी की घटना संकेत दे रही है कि राज्य हिंसा की संस्कृति और जंगलराज के हवाले है। उन्होंने आगे लिखा कि अब तक आठ लोगों की हत्या हो चुकी है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है। जगदीप धनखड़ ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट तलब की है












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