DMK ने राहुल को बताया पीएम पद का उम्मीदवार तो ममता के तेवर हुए सख्त
नई दिल्ली। डीएमके के मुख्यालय 'अन्ना अरियावलम' में रविवार को एम करुणानिधि की प्रतिमा के अनावरण के दौरान विपक्ष के दिग्गज नेता एक बार फिर मंच पर जुटे थे। इस दौरान डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने राहुल गांधी का नाम प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावित किया तो टीएमसी और ममता बनर्जी ने इसपर कड़ी सख्त ऐतराज जताया है।

टीएमसी के तेवर सख्त
सूत्रों के हवाले से खबर है कि राहुल गांधी का नाम पीएम पद के लिए पेश किए जाने पर टीएमसी के तेवर सख्त हैं। पार्टी ने कहा कि इस प्रकार का ऐलान स्वागत योग्य नहीं है और ये विपक्षी दलों के बीच एकता के लिए खतरा हो सकता है। पार्टी के एक नेता की तरफ से कहा गया, 'हमने पहले भी कहा था कि ऐसा कोई भी ऐलान आम चुनावों के बाद किया जाएगा।'

'विपक्ष के एकजुट होने की कोशिशों पर पड़ सकता है असर'
टीएमसी नेता ने कहा कि जब कांग्रेस ही कोई नाम आगे नहीं कर रही हैं तो अन्य दल ऐसी घोषणाएं क्यों कर रहे हैं, इसका असर विपक्ष के एकजुट होने की कोशिशों पर पड़ सकता है। सपा ने भी इसपर ऐतराज जताया और पार्टी के नेता घनश्याम तिवारी ने कहा कि जनादेश तय करेगा कि देश का प्रधानमंत्री कौन होगा। विपक्ष के कई नेता प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में किसी नाम की घोषणा के खिलाफ हैं। टीडीपी, सपा, बसपा और टीएमसी स्टालिन की घोषणा से सहमत नहीं है। इन दलों का कहना है कि ये जल्दीबाजी है और चुनाव परिणामों के बाद ही प्रधानमंत्री का फैसला होगा।

एमके स्टालिन ने दिया था राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव
राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव देते हुए एमके स्टालिन ने कहा था कि, पीएम मोदी के शासन के 5 साल में देश 15 साल पीछे चला गया है। अगर हम उन्हें एक और मौका देते हैं, तो निश्चित रूप से देश 50 साल पीछे चला जाएगा। पीएम मोदी राजा की तरह व्यवहार कर रहे हैं, यही कारण है कि हम सभी लोकतंत्र और देश की रक्षा के लिए एक साथ आए हैं।












Click it and Unblock the Notifications