एक्ट्रेस से नेता बने एम मुकेश पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज, कोर्ट ने राहत देते हुए कहा-भागने की कोई संभावना नहीं
Malayalam film industry: मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद हंगामा मचा हुआ है। जिसके साथ ही #Meetoo 2.O की शुरुआत हो गई है। इस रिपोर्ट आने के बाद एक्ट्रेस से राजनेता बने एम मुकेश के साथ तीन अन्य प्रमुख अभिनेताओं पर रेप और यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज किए गए हैं।
एम मुकेश मलयालम फिल्मों के जाने माने अभिनेता और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक है, जिनपर अभिनेत्री मीनू मुनीर ने कई साल पहले यौन उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए है। इन आरोपों के बाद राजनीतिक बहस छिड़ गई है और विपक्षी पार्टियां एम मुकेश से इस्तीफा देने की मांग कर रही है।

विपक्षी पार्टियों के हंगामे के बीच अब कोच्चि कोर्ट ने गुरुवार 29 अगस्त को अभिनेता-राजनेता एम मुकेश को गिरफ्तारी से राहत देते हुए पुलिस को तीन सितंबर तक उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया है। दरअसल, रेप का मामला दर्ज होने के बाद ही कोल्लम से सीपीआई विधायक एम मुकेश ने पहले ही दिन में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।
कोर्ट ने एम मुकेश को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि स्थिति को ध्यान में रखते हुए अभिनेता के कानून के चंगुल से भागने की कोई संभावना नहीं है। आईओ (जांच अधिकारी) को निर्देश दिया जाता है कि याचिकाकर्ता को 3/9/24 तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। खबर के मुताबिक, बुधवार रात कोच्चि शहर के मरदु पुलिस स्टेशन में मुकेश के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
यह एफआईआर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) के तहत दर्ज की गई। बता दें कि अपनी अग्रिम जमानत याचिका में अभिनेता ने दावा किया कि पीड़िता द्वारा उनके खिलाफ गलत इरादे से बयान दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि यह मामला गलत इरादे से और उनके राजनीतिक और फिल्मी करियर को खराब करने के लिए दर्ज किया गया है।
हालांकि, विपक्षी पार्टियां लगातार उनपर हमलावर है और इस्तीफे की मांग कर रही है। इस बीच सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली एलडीएफ ने मुकेश का समर्थन किया, ईपी जयराजन ने बताया कि इसी तरह के आरोपों का सामना कर रहे अन्य विधायकों ने इस्तीफा नहीं दिया है।
आपको बता दें कि कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा की युवा शाखा ने कोल्लम में एक विरोध मार्च भी निकाला, जहां एक प्रदर्शनकारी ने मुकेश का मुखौटा पहना हुआ था और एक मुर्गी पकड़ी हुई थी, जो महिलाओं के प्रति अनुचित व्यवहार का प्रतीक है।












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