Mahavir Jayanti 2026 Holiday: महावीर जंयती आज, कहां-कहां है छुट्टी?
Mahavir Jayanti 2026 Holiday: महावीर जयंती जैन धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, यह पर्व हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 30 मार्च 2026 को सुबह 07:09 बजे हुआ था और इसका समापन 31 मार्च 2026 को सुबह 06:55 बजे होगा। उदयातिथि मान्य होने की वजह से महावीर जयंती 31 मार्च को मनाई जा रही है इसलिए इसकी छुट्टी भी आज है। आज यूपी,एमपी, हरियाणा में छुट्टी है।

आपको बता दें कि भगवान महावीर के जन्म से जुड़ी एक खास बात उनकी माता रानी त्रिशला द्वारा गर्भावस्था के दौरान देखे गए शुभ स्वप्नों से संबंधित है। दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार उन्होंने तब 14 दिव्य स्वप्न देखे थे, जबकि श्वेतांबर जैन परंपरा के अनुयायियों का मानना है कि यह संख्या 16 थी। ये अद्भुत स्वप्न उनके महान पुत्र के आगमन का महत्वपूर्ण संकेत थे।
भगवान महावीर ने 5 मौलिक सिद्धांत क्या हैं?
भगवान महावीर ने जैन धर्म की रीढ़ माने जाने वाले पांच मौलिक सिद्धांतों के बारे में बताया था। इनमें अहिंसा (किसी भी जीव को मन, वचन, कर्म से हानि न पहुंचाना), सत्य (सदैव सच्चाई का पालन करना), अस्तेय (बिना अनुमति कुछ न लेना), ब्रह्मचर्य (इंद्रियों और मन पर नियंत्रण), और अपरिग्रह (सांसारिक मोह-माया से अनासक्ति) शामिल हैं। ये शिक्षाएं आत्म-शुद्धि और आध्यात्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
महावीर स्वामी ने 30 साल में लिया था संन्यास
आपको बता दें कि भगवान महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व बिहार के कुंडलपुर (वर्तमान वैशाली) में हुआ था। उनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशला था। महावीर स्वामी ने 30 वर्ष की आयु में राजसी जीवन त्यागकर संन्यास ग्रहण किया और कठोर तपस्या के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। उन्होंने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों का प्रचार किया, जो आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं।
शांति, प्रेम और करुणा का संदेश
महावीर जयंती का महत्व केवल जैन धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को शांति, प्रेम और करुणा का संदेश देता है। भगवान महावीर का सबसे प्रमुख उपदेश था-"अहिंसा परमो धर्मः" अर्थात अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनके अनुसार किसी भी जीव को मन, वचन और कर्म से कष्ट नहीं देना चाहिए।
महावीर जयंती पर क्या-क्या होता है?
इस दिन जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान महावीर की प्रतिमा का अभिषेक किया जाता है और भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, दान-पुण्य करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। कई स्थानों पर प्रवचन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें महावीर स्वामी के जीवन और उनके उपदेशों का वर्णन किया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications