गोडसे नायक है या खलनायक अब इसे देश को तय करना है, मंदिर बनाए जाने पर भड़के तुषार गांधी
ग्वालियर। मध्य प्रदेश स्थित ग्वालियर में अखिल भारत हिन्दू महासभा क ओर से अपने कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगाई। इसे महासभा ने मंदिर घोषित कर दिया। महासभा की ओर से तर्क दिया गया कि महात्मा गांधी की हत्या कर गोडसे ने देश की सेवा की थी। उन्हें देश में बतौर खलनायक पेश किया गया। वहीं इस मसले पर महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने कहा कि वो इनका विरोध कर इन्हें महत्व नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह चुनाव करना है कि एक हत्यारे को नायक बनाना है या फिर महात्मा को।

तुषार ने कहा कि भारत में हर किसी को अपने मन से काम करने की स्वतंत्रता है। लोग अगर नाथूराम का मंदिर बनाकर पूजा करना चाहते हैं तो वो बेशक ऐसा करें। मैं नहीं रोकूंगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अच्छाई को पूजते हैं तो कुछ लोगों को बुराइयों की पूजा में खुशी होती है।
वहीं महासभा के कैलाश नारायण शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने ना तो जमीन और ना ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति दी। तब यह सोचा गया कि गोडसे ने जहां से बंदूक चलाने की ट्रेनिंग ली, हम क्यों ना उसी को मंदिर बना दें।












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