महाराष्ट्र में बीजेपी के सारे समीकरण क्यों हो सकते हैं बेकार, सर्वे से बड़ा खुलासा
महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें हैं। पिछली बार भाजपा की अगुवाई में एनडीए ने जिन राज्यों में सबसे ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया था, उसमें महाराष्ट्र भी शामिल था। लेकिन, चुनाव से पहले हुए एक सर्वे में अबकी बार राज्य में एनडीए की हवा टाइट दिखाई गई है।
इंडिया टुडे-सी वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे के मुताबिक इस बार राज्य में एनडीए को बड़ा झटका लग सकता है। इसके मुताबिक इस बार के लोकसभा चुनावों में राज्य की 48 सीटों में से बीजेपी और उसकी सहयोगियों को सिर्फ 22 सीटें मिलने का ही अनुमान लगाया गया है।

महाराष्ट्र में एनडीए को बड़ा नुकसान इंडिया ब्लॉक को जबर्दस्त फायदा-सर्वे
अगर इस सर्वे पर यकीन करें तो राज्य में एनडीए को इस बार राज्य में 19 सीटों का नुकसान हो सकता है। वहीं इंडिया ब्लॉक को इस बार महाराष्ट्र में 26 सीटें मिलने की संभावनाएं जताई गई है। मतलब, 2019 के चुनावों से 21 सीटों का फायदा।
एनडीए को समीकरण साधने के बाद भी नुकसान क्यों?
सवाल है कि सर्वे में भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए को राज्य में इतना बड़ा झटका लगने की संभावना क्यों दिख रही है। जबकि, उसने राज्य में सियासी समीकरण को पटरी पर लाने के लिए तमाम जोड़-घटाव किए हैं।
सर्वे के नतीजे सिर्फ अनुमान हैं
यह सर्वे 15 दिसंबर, 2023 से लेकर 28 जनवरी, 2024 के बीच 35,801 लोगों से पूछे गए सवालों पर आधारित है। निश्चित तौर पर अभी लोकसभा चुनावों की शुरुआत भी नहीं हुई है, इसलिए समय के साथ इन आंकड़ो में भारी बदलाव की संभावना बनी रहेगी।
लेकिन, प्रश्न है कि आज की तारीख में भी महाराष्ट्र में एनडीए का ग्राफ इस सर्वे में इतना नकारात्मक क्यों दिख रहा है। दरअसल, 2019 के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में अप्रत्याशित बदलाव हुए हैं।
एनसीपी और शिवसेना दोनों हो चुकी है बीजेपी के साथ
हालांकि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीजेपी गठबंधन से निकल जाने के बाद पार्टी ने एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना को वापस अपने साथ जोड़ लिया है। उधर ज्यादा भरपाई के लिए अजित पवार के साथ एनसीपी को भी अपने गठबंधन में शामिल कर लिया है।
इंडिया ब्लॉक के मुकाबले एनडीए को 5% कम वोट मिलने का अनुमान-सर्वे
इस सर्वे के मुताबिक फिर भी एनडीए का वोट शेयर सिर्फ 40% रह सकता है, जबकि इंडिया अलायंस का वोट शेयर 45% तक जा सकता है। गठबंधन के लिए जो 26 सीटों की भविष्यवाणी की गई है, उसमें से 12 कांग्रेस को और 14 एनसीपी-शरदचंद्र पवार और शिवसेना (यूबीटी) के खाते में जा सकती है।
यही 5% वोट शेयर के अंतर से एनडीए के हाथों से 19 सीटें निकलने और इंडिया ब्लॉक को 21 सीटें बढ़ने की संभावना जताई गई है। मतलब, भाजपा को शिवसेना और एनसीपी के टूटने का भी फायदा मिलने से ज्यादा नुकसान ही होने की आशंका जताई गई है।
उद्धव और शरद पवार के सहानुभूति वोटों से लग सकता है एनडीए को झटका-सर्वे
महाराष्ट्र के मतदाताओं के इस मूड के पीछे की एक वजह यह लग रही है कि उद्धव ठाकरे और शरद पवार दोनों को ही सहानुभूति वोटों से फायदा मिल सकता है।
अजित पवार की वजह से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एनडीए को लग सकता है झटका-सर्वे
एक बात और गौर करने वाली बात है कि बीजेपी भ्रष्टाचार को लेकर चाचा शरद पवार पर नहीं, बल्कि उनके भतीजे अजित पवार को ही निशाना बनाती थी। लेकिन, वही अजित पवार अब एनडीए का हिस्सा बन चुके हैं और सर्वे में शामिल मतदाताओं को यही बात अच्छी नहीं लग रही है।












Click it and Unblock the Notifications