इस्तीफे के बाद सामने आए अजित पवार, NCP में वापसी पर दिया बड़ा बयान

एनसीपी में वापस लौटने के बाद अब अजित पवार ने पहली बार मीडिया के सामने आकर बयान दिया है

नई दिल्ली। चार दिन की मान-मनौव्वल के बाद आखिरकार अजित पवार डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा देकर अपनी पार्टी एनसीपी में लौट आए और बुधवार को विधानसभा पहुंचकर विधायक पद की शपथ ली। अजित पवार के भाजपा को समर्थन करने के बाद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने अपनी पार्टी और परिवार के खास लोगों को उन्हें समझाने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसमें वो कामयाब हुए। अजित पवार ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दिया और शाम को शरद पवार से मुलाकात की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। एनसीपी में वापस लौटने के बाद अब अजित पवार ने पहली बार मीडिया के सामने आकर बयान दिया है।

'सही समय आने पर दूंगा जवाब'

'सही समय आने पर दूंगा जवाब'

बुधवार को विधानसभा पहुंचे अजित पवार ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा, 'मैंने कभी पार्टी नहीं छोड़ी। मैं एनसीपी के साथ था, मैं एनसीपी के साथ हूं और एनसीपी के साथ रहूंगा। पिछले कुछ दिनों में मीडिया ने मेरे बारे में गलत जानकारी दी है और मैं उचित समय आने पर इसपर अपनी प्रतिक्रिया दूंगा।' इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने गले लगाकर अजित पवार का स्वागत किया। सुप्रिया सुले ने अजित पवार के पैर भी छुए।

इस्तीफा देने के बाद शरद पवार से मिले अजित पवार

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आपको बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अजित पवार ने भाजपा के साथ हाथ मिलाया था और बीते शनिवार को सुबह-सुबह राजभवन में देवेंद्र फडणवीस ने सीएम और अजित पवार ने डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली थी। इसके बाद मंगलवार को जब शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा सरकार को फ्लोर टेस्ट पास करने का आदेश दिया तो देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया। डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा देने के बाद अजित पवार शाम को ही शरद पवार से जाकर मिले।

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    रंग लाई शरद पवार की कोशिश

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    इससे पहले डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेने के बाद अजित पवार ने मीडिया के सामने कहा था कि उन्होंने किसानों के हित में भारतीय जनता पार्टी के साथ समझौता किया है। बीते चार दिनों के दौरान शरद पवार ने अजित पवार को समझाने के लिए अपनी पार्टी के सीनियर नेताओं को मैदान में उतारा। अजित पवार को समझाने की जिम्मेदारी जिन नेताओं ने संभाली, उनमें छगन भुजबल, जयंत पाटिल, दिलीप वालसे और सुनील तटकरे का नाम शामिल था। इस दौरान शरद पवार ने खुद अजित पवार से दूरी बनाए रखी और असंतुष्ट विधायकों को पार्टी में एकजुट करने के काम पर लग गए। शरद पवार की कोशिश रंग लाई और शनिवार दोपहर से ही एनसीपी के विधायकों ने बयान देने शुरू कर दिए कि उन्हें अजित पवार ने धोखा दिया है।

    कल होगा उद्धव का शपथ ग्रहण समारोह

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    वहीं, शरद पवार ने पार्टी को एकजुट रखने की रणनीति के तहत ही सोमवार को बयान भी दिया, 'मैं अब शिवसेना के साथ बहुत आगे निकल आया हूं। मैंने शिवसेना को वादा दिया था, इसलिए उनके साथ कुछ भी बुरा नहीं कर सकता। हमें पांच साल तक तीन पार्टियों के साथ सरकार चलानी है, इसलिए हम जल्दबाज़ी में काम नहीं कर सकते।' देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के इस्तीफे के बाद राज्यपाल ने शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया। गठबंधन के नेता के तौर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

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