IITian Baba: महाकुंभ के फेमस 'आईआईटीएन बाबा' जूना अखाड़े से निष्कासित? अभय सिंह ने बताई सच्चाई!
IITian Baba Abhey Singh: IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने वाले और प्रयागराज के महाकुंभ मेले में 'IITian बाबा' के नाम से मशहूर अभय सिंह को उनके अखाड़े से बाहर कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभय सिंह को उनके गुरु महंत सोमेश्वर पुरी के खिलाफ अपशब्द कहने के कारण जुना अखाड़े के कैंप और उसके आस-पास जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया।

जुना अखाड़ा ने क्या कहा?
जुना अखाड़े के एक सदस्य ने बताया कि अभय सिंह का उनके अखाड़े से कोई संबंध नहीं था। सदस्य ने यह भी कहा कि अभय किसी का शिष्य भी नहीं था। न्यूज चैनल NDTV से बात करते हुए सदस्य ने कहा, "वह हमारा नाम बदनाम कर रहा था। वह साधु नहीं, बल्कि आवारा था। वह टीवी पर कुछ भी कह देता था। इसलिए उसे निकाल दिया गया।"
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'IITian बाबा' का पलटवार
अखाड़े से निकाले जाने के आरोपों को 'IITian बाबा' ने खारिज कर दिया। शुक्रवार को एक न्यूज चैनल से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अखाड़े के संत उनके बारे में झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। अभय सिंह ने कहा, जिनके इंस्टाग्राम पर तीन लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, "वे सोचते हैं कि मैं मशहूर हो गया हूं और कुछ राज खोल सकता हूं, इसलिए वे कह रहे हैं कि मैं गुप्त ध्यान के लिए चला गया हूं। ये लोग बकवास कर रहे हैं।"
हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह, जिन्हें 'इंजीनियर बाबा' भी कहा जाता है, ने कहा कि उन्होंने विज्ञान का रास्ता छोड़कर आध्यात्मिकता को अपनाया। उन्होंने महाकुंभ में भक्तों से बातचीत के दौरान कहा, "विज्ञान भौतिक दुनिया को समझने में मदद करता है, लेकिन इसकी गहरी पढ़ाई इंसान को आध्यात्मिकता की ओर ले जाती है। जीवन को सच्चे अर्थों में समझने से इंसान आध्यात्मिकता के करीब आ जाता है।"
अभय सिंह का कठिन अतीत
NDTV के साथ एक इंटरव्यू में अभय सिंह ने अपने परिवारिक संघर्षों के बारे में खुलकर बताया। उन्होंने अपने बचपन के अनुभवों पर बात करते हुए कहा, "मेरे परिवार में मानसिक स्वास्थ्य की समस्या थी।" उन्होंने बताया कि उनके बचपन में घरेलू हिंसा की घटनाओं ने उनकी जिंदगी पर गहरा असर डाला।
उन्होंने कहा, "स्कूल के दिनों में, मैं शाम 5-6 बजे घर आता था और सो जाता था ताकि झगड़े से बच सकूं। आधी रात को उठता था, जब सब शांत होता था, और अपने कमरे का दरवाजा बंद करके शांति से पढ़ाई करता था।"
अपने माता-पिता के झगड़ों को देखते हुए वह खुद को "बेबस" महसूस करते थे। IITian बाबा ने आगे बताया, "बचपन में आप समझ नहीं पाते कि क्या हो रहा है। न तो आपके पास प्रतिक्रिया देने की समझ होती है, न ही कोई समाधान। बस आप असहाय होते हैं।"
शादी न करने का फैसला
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बचपन के इस अनुभव ने उनके शादी न करने के फैसले को प्रभावित किया, तो 'IITian बाबा' ने मुस्कुराते हुए कहा, "बिल्कुल। मैंने सोचा, क्यों शादी करके वही झगड़े और तनाव झेलूं, जो मैंने अपने बचपन में देखे। अकेले रहना और शांतिपूर्ण जीवन जीना बेहतर है।"
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