IITian Baba: महाकुंभ के आईआईटीएन बाबा अभय सिंह के पिता हुए भावुक, बेटे से की घर लौट आने की अपील
IITian Baba: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में इन दिनों एक अनोखी शख्सियत चर्चा का केंद्र बनी हुई है। ये हैं IITian बाबा, जिनका असली नाम अभय सिंह है। हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले अभय सिंह ने अपनी पढ़ाई भारत के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मुंबई से पूरी की, लेकिन अब उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर संत का जीवन अपना लिया है।
उनके इस फैसले ने न केवल महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा है, बल्कि उनके परिवार को भी चिंता में डाल दिया है। अभय के पिता करण ग्रेवाल, जो पेशे से वकील हैं, ने अपने बेटे से घर लौटने की भावुक अपील की है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संत का जीवन अपनाने के बाद अभय का वापस परिवार के साथ आ पाना शायद संभव नहीं हो। पिता का कहना है कि अभय हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रहे हैं और परिवार को उन पर गर्व है, लेकिन अब वे उनकी घर वापसी की उम्मीद में बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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बचपन से ही थे मेधावी
हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले अभय सिंह ने बचपन से ही पढ़ाई में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। करण ग्रेवाल, जो झज्जर कोर्ट में वकील हैं, ने बताया कि अभय ने स्थानीय स्कूलों से पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में IIT की तैयारी की। इसके बाद उन्होंने मुंबई IIT से पढ़ाई की।
छह महीने पहले हुई आखिरी बातचीत
करण ग्रेवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि छह महीने पहले उनकी अपने बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद अभय ने परिवार से दूरी बना ली। परिवार उनकी घर वापसी की गहरी इच्छा रखता है, लेकिन पिता को लगता है कि अब यह संभव नहीं है।
हाई सैलरी वाली नौकरी छोड़ी
IIT से ग्रेजुएट होने के बाद अभय ने डिजाइनिंग में मास्टर्स किया और दिल्ली और कनाडा की शीर्ष कंपनियों में काम किया। कनाडा में काम करते हुए वह करीब तीन लाख रुपये महीने की सैलरी कमा रहे थे। लेकिन डिप्रेशन के कारण उन्होंने अपनी असली पहचान की तलाश में आध्यात्म की ओर रुख किया।
भारत लौटकर अपनाया संत जीवन
अभय सिंह भारत लौटने के बाद मनाली, शिमला और हरिद्वार जैसे स्थानों पर यात्रा करते रहे। आखिरकार उन्होंने उच्च वेतन वाली नौकरी और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का करियर छोड़कर संत का जीवन अपना लिया। महाकुंभ मेले में वह श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के सदस्य के रूप में देखे गए हैं।
IITian बाबा की कहानी लोगों को हैरान कर रही है और उनके संत बनने के इस फैसले ने महाकुंभ में उन्हें चर्चा का केंद्र बना दिया है।
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