दिग्विजय सिंह बोले- बागी विधायकों का हो टेस्ट, कोरोना वायरस से संक्रमित होने की जताई आशंका
भोपाल। मध्य प्रदेश में 22 विधायकों के इस्तीफे ने कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ये सभी विधायक बेंगलुरु में ठहरे हुए हैं और इनको शुक्रवार को भोपाल लौटना था लेकिन इस्तीफा देने वाले विधायक भोपाल नहीं लौटे तो सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गईं। इस दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बेंगलुरु में ठहरे हुए विधायकों का कोरोना वायरस का टेस्ट कराने की मांग कर दी।

विधायकों का कोरोना वायरस का टेस्ट किया जाए- दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन सभी विधायकों को कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया है और उनका टेस्ट होना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सभी विधायक एयरपोर्ट से वापस होटल लौट गए। माना जा रहा था कि बागी विधायक भोपाल लौटने के बाद स्पीकर से मुलाकात करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद भाजपा राज्य में सरकार बनाने के अवसर देख रही है तो दूसरी तरफ, कांग्रेस की कोशिश है कि किस तरह से बागी विधायकों को मनाया जाए।

कैबिनेट से बर्खास्त किए गए 6 मंत्री
दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी संग्राम के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने 6 बागी मंत्रियों को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया। सीएम कमलनाथ ने 6 मंत्रियों इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, डॉक्टर प्रभुराम चौधरी को कैबिनेट से हटाने के लिए सिफारिश की थी, जिसके बाद राज्यपाल ने इन सभी मंत्रियों को मुख्यमंत्री की सिफारिश पर कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया।

बेंगलुरु में हैं बागी विधायक
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद 22 विधायकों ने भी अपना इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से मध्यप्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस ने 86 विधायकों को जयपुर के रिजॉर्ट में भेजा है, वहीं राज्य में विपक्षी दल भाजपा ने भी अपने विधायकों को गुरूग्राम के एक होटल में रखा है। जबकि इस्तीफा देने विधायक बेंगलुरू के होटल में हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी ने उन विधायकों को बंधक बना रखा है।












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