Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Madhya Pradesh: मां-बाप की शर्मनाक हरकत, सरकारी नौकरी न चली जाए इसलिए जंगल में फेंका बच्चा

Madhya Pradesh: छिंदवाड़ा जिले में एक नवजात शिशु को जंगल से बचाया गया है। आरोप है कि उसके माता-पिता, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, ने अपनी नौकरी खोने के डर से बच्चे को छोड़ दिया। यह घटना सामने आने के बाद पूरे समाज में हलचल मच गई है।

घर पर डिलीवरी, फिर जंगल में फेंका

बच्चे का जन्म 23 सितंबर को सुबह लगभग 3:00 बजे घर पर हुआ। जन्म के तुरंत बाद माता-पिता उसे रोड घाट के पास जंगल में ले गए और एक भारी पत्थर के नीचे रखकर छोड़ दिया। अगली सुबह, जब ग्रामीण जंगल से गुजर रहे थे, तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने पत्थर हटाकर बच्चे को जीवित पाया।

Madhya Pradesh

पहले से हैं तीन बच्चे

ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को चिकित्सा सुविधा दिलाई। इसके बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बच्चे के माता-पिता-बबलू और राजकुमारी डंडोलिया-को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 के शिक्षक हैं। दंपति के पहले से तीन बच्चे हैं, जिनकी उम्र 8, 6 और 4 साल है।

पिता का कबूलनामा

पूछताछ के दौरान पिता ने कबूल किया कि उसने नौकरी पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के डर से बच्चे को छोड़ दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिता को डर था कि चौथा बच्चा होने पर उसे शिक्षण पद से निलंबित या बर्खास्त किया जा सकता है।

नियम 1961 पर उठे सवाल

यह मामला मध्य प्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के नियम 6 (6) पर ध्यान खींचता है। इसमें कहा गया है कि "कोई भी उम्मीदवार सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा जिसके दो से अधिक जीवित बच्चे हैं, जिनमें से एक का जन्म 26 जनवरी, 2001 को या उसके बाद हुआ हो।"

हालांकि, अधिकारियों ने इस नियम में अस्पष्टता बताई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह नियम स्पष्ट नहीं करता कि यदि कोई पहले से सेवा में है और उसके अधिक बच्चे हो जाते हैं, तो क्या उसे नौकरी से अयोग्य ठहराया जाएगा।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

अमरवाड़ा के ब्लॉक संसाधन समन्वयक (BRC) विनोद वर्मा सहित कई स्थानीय अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। वर्मा ने इसे "समाज के लिए शर्मनाक" बताया और कहा कि शिक्षक को नोटिस जारी किया जाएगा तथा आगे जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बच्चे को त्यागने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 93 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों से परामर्श किया जा रहा है और कानूनी समीक्षा के बाद BNS की धारा 109 (हत्या का प्रयास) सहित अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

बच्चे का भविष्य अनिश्चित

बच्चा फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सकीय छुट्टी के बाद बच्चे की देखभाल और भविष्य को लेकर फैसला होना अभी बाकी है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+