आत्मनिर्भर भारत: 101 रक्षा उपकरणों और हथियारों के आयात पर प्रतिबंध, पूरी तरह से देश में बनेंगे
नई दिल्ली, 7 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में ही मेड इन इंडिया नाम का प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके बाद आत्मनिर्भर भारत अभियान चला। इन दोनों प्रोजेक्ट का भारत की तीनों सेनाओं के नवीनीकरण में बहुत ही सकारात्मक असर पड़ रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 101 सैन्य प्रणालियों और हथियारों की तीसरी सूची जारी की। इनको आगामी तीन साल से ज्यादा वक्त तक आयात प्रतिबंधों के दायरे में रखा जाएगा।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नई सूची में लाइट वेट टैंक, माउंटेड आर्टिलरी गन सिस्टम (155mmX 52Cal), पिनाका MLRS के लिए गाइडेड एक्सटेंडेड रेंज (GER) रॉकेट, नेवल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (NUH), नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV), MF STAR (रडार फॉर) आदि शामिल हैं। इसके अलावा मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (नौसेना), एडवांस लाइट वेट टॉरपीडो (जहाज लॉन्च), हाई एंड्योरेंस ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल, मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस अनमैन्ड एरियल व्हीकल (MALE यूएवी), एंटी-रेडिएशन मिसाइल के आयात पर भी प्रतिबंध रहेगा।
वहीं मीडिया से बात करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तीसरी सूची जारी करते हुए मुझे खुशी हो रही है। इस लिस्ट का जारी होना इस बात का प्रमाण है कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है। इससे पहले 2020 में 101 और 2021 में 108 रक्षा उपकरणों की लिस्ट जारी हुई थी।
रक्षामंत्री ने आगे कहा कि जब 90 के दशक में हमें सुपर कंप्यूटर की जरूरत पड़ी तो कई देशों ने अलग-अलग कारण बताते हुए इसे हमें देने से इनकार कर दिया। इसके बाद स्पेस और मिसाइल टेक्नोलॉजी को भी हमें नहीं दिया गया, लेकिन हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत की वजह से आज सभी क्षेत्र में हम आगे हैं। इसी तरह हमको अब रक्षा क्षेत्र में भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनना है।












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