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Lata Mangeshkar: लता मंगेशकर को बेगम कहकर बुलाते थे गुलजार, उनके दिए आखिरी तोहफे को याद कर हुए भावुक

Lata Mangeshkar: लता मंगेशकर को बेगम कहकर बुलाते थे गुलजार, उनके दिए आखिरी तोहफे को याद कर हुए भावुक

नई दिल्ली, 6 फरवरी। भारत की सुर कोकिला, 'नाइटिंगेल' के नाम से दुनियाभर में मशहूर लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं हैं। अपनी आवाज से देश के दिलों पर राज करने वाले लता दीदी दुनिया को अलविदा कर गई हैं। 6 फरवरी 2022 को उन्होंने आखिरी सांस ली। करीब सात दशक तक हिंदी सिनेमा में फीमेल प्‍लेबैक सिंगिंग के जरिए पुराने से लेकर नई फिल्मों में अपनी आवाज देने वाली लता मंगेशकर को याद कर सब भावुक हो गए हैं। अपने सदाबहार गीतों के जरिए हमारी यादों में हमेशा बसी रहने वाली लता मंगेशकर को याद कर गीतकार गुलजार साहब भावुक गए।

लता को याद कर भावुक हुए गुलजार

लता को याद कर भावुक हुए गुलजार


गीतकार गुलजार और लता मंगेशकर ने एक साथ कई गीतों पर काम किया। गुलजार ने जहां गीत लिखें तो वहीं लता दीदी ने उसे अपनी आवाज देकर अमर बना दिया। आज लता दी के निधन पर उनको यादकर वो भावुक हो उठे। इंडिया टुडे के साथ बात करते हुए गुलजार ने कहा कि मैं प्रेम से उन्हें बेगम कहकर बुलाता था। वो मेरे बहुत करीब दोस्तों में थीं। उन्होंने कहा कि आज वो आवाज खामोश हो गई, जिसने संगीत को नई बुलंदियों पर पहुंचाया। उन्होंने कहा कि मेरा उनके साथ बहुत ही नेक रिश्ता था। अक्सर उऩसे बातचीत, मुलाकात हो जाती थी। उन्हें मैं प्यार से बेगम बुलाता था। उन्होंने कहा कि वो सुरों की सम्राज्ञी थीं और जब तक भारत का संगीत गाएगा वो तब तक हम सबके भीतर जीवित रहेंगी।

सबके लिए तोहफे लाती थीं लता

सबके लिए तोहफे लाती थीं लता


गुलजार ने लता दी के आखिरी तोहफे को याद करते हुए कहा कि वो जानती थीं कि मुझे बुद्ध की मुर्तियों के संग्रह का शौक हैं, इसलिए वो मेरे लिए तोहफे लेकर आतीं थीं। उन्होंने मुझे 4 से 5 मूर्तियां गिफ्ट किया। वो बेहद दयालु, सौम्य, साधारण व्यक्तित्व थीं। हमने एक साथ एक फिल्म बनाई थी, मैंने उनसे कहा था कि आप बहुत अच्छी निर्माता हैं। वो अक्सर सेट पर सबके लिए तोहफे लेकर आती थीं। आखिरी बार करीब 6 महीने पहले उन्होंने मुझे गौतम बुद्ध की मूर्ति भेजी। उनका जाना मेरे लिए और संगीत जगत के लिए बहुत दुख भरा है।

संगीत के एक युग का अंत

संगीत के एक युग का अंत


आपको बता दें लता मंगेशकर 92 साल की उम्र में हम सबको छोड़ ईश्वर के पास चली गईं। उन्होंने मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। 8 जनवरी को उन्हें कोरोना से ग्रसित होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आईसीयू में लंबे वक्त से उनका इलाज चल रहा था। खबरें आई कि उनके सेहत में सुधार हो रही है। लता मंगेशकर की टीम ने लोगों से उनके सेहत के लिए दुआ मांगने की अपील की, लेकिन आज अचानक उनके निधन की खबर आ गई, जिसके बाद पूरा देश शोक में डूब गया।

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