Ludhiana Gas Leak: NGT का आदेश- 20 लाख रुपये का मुआवजा दें, जांच समिति का गठन
Ludhiana Gas Leak मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 20 लाख के मुआवजे का आदेश पारित किया है। आदेश में समिति के गठन का निर्देश भी दिया गया है। जानिए फैसले की डिटेल

लुधियाना गैस रिसाव मामले के संबंध में मीडिया रिपोर्टों के आधार पर एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लिया। 20 लाख रुपये के मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मंगलवार को लुधियाना गैस रिसाव मामले में जांच समिति का गठन किया गया।
NGT के आदेश के बाद आठ सदस्यीय तथ्यान्वेषी संयुक्त समिति का गठन किया है। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को ये आदेश पारित किया। गैस लीक मामले में हाल ही में तीन नाबालिगों सहित 11 लोगों की मौत हो गई थी।
NGT (National Green Tribunal) constitutes an eight-member fact-finding joint committee on the recent Ludhiana gas leak case wherein 11 people, including 3 minors, died. The NGT took suo moto cognizance on the basis of media reports in the case.
Meanwhile, the District… pic.twitter.com/HU9EfywSii
— ANI (@ANI) May 2, 2023
एनजीटी के आदेश के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट, लुधियाना मरने वाले 11 व्यक्तियों के वारिसों को 20-20 लाख रुपये के मुआवजे का भुगतान एक महीने के भीतर सुनिश्चित कर सकते हैं। पहले दी जा चुकी मुआवजे राशि घटाई जा सकती है।
एनजीटी ने कहा, "हम पंजाब राज्य पीसीबी के अध्यक्ष की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय तथ्यान्वेषी संयुक्त समिति का गठन करते हैं। समिति के अन्य सदस्य क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), सीपीसीबी, औद्योगिक विष विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आईटीआरसी), लखनऊ, नामित होंगे।
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निदेशक, पीजीआई चंडीगढ़, एनडीआरएफ के नामित, राज्य पीसीबी, जिला मजिस्ट्रेट, लुधियाना और नगर निगम के आयुक्त शामिल होंगे। ट्रिब्यूनल हाल के दिनों में राज्य और निजी संस्थाओं द्वारा पर्यावरणीय मानदंडों के उल्लंघन के कारण होने वाली मौतों और चोटों की कई घटनाओं से निपटा है।
एनजीटी ने माना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित आमतौर पर मृत्यु के मामले में 20 लाख रुपये की दर से मुआवजे के हकदार होते हैं और चोटों की सीमा के आधार पर अलग-अलग दरों पर भुगतान किया जाता है।
ट्रिब्यूनल ने कहा, लुधियाना के गियासपुरा में सोमवार को गैस रिसाव हुआ। तीन नाबालिगों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि इस घटना से क्षेत्र के निवासियों में भय फैल गया। कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लीं, ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, "कुल 11 लोग मारे गए। इसमें 5 महिलाएं, 2 बच्चों सहित 6 पुरुष शामिल हैं।" मौके पर मौजूद एसडीएम स्वाति तिवाना ने बताया कि गैस लेवल की लगातार जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, "इसके अलावा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भी कारखानों का निरीक्षण किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।" उन्होंने कहा, "मरने वाले 11 लोगों में से पांच एक ही परिवार के सदस्य थे।"
लुधियाना गैस रिसाव मामले की जांच कर रहे राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के सहायक कमांडेंट डीएल जाखड़ ने कहा, "यह दुर्घटना हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के रिसाव के कारण हुई। हालांकि, रिसाव के पीछे के सही कारण की जांच की जानी चाहिए।"












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