नीना गुप्ता-विवियन रिचर्ड्स की कहां हुई थी वो पहली मुलाक़ात

नीना गुप्ता भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में जितनी अपनी अदाकारी के लिए मशहूर हैं, उससे कहीं ज़्यादा चर्चा उनकी विवियन रिचर्ड्स से अफ़ेयर की वजह से होती रही है. नीना गुप्ता और विवियन रिचर्ड्स के बीच यह अफ़ेयर कब और कैसे शुरू हुआ, इसको लेकर लंबे समय तक कयास लगाए जाते रहे.

सालों बाद या कहें दशकों बाद नीना गुप्ता ने अपने इस अफ़ेयर के बारे में थोड़े से राज खोले हैं. उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफ़ी 'सच कहूं तो' में विवियन रिचर्ड्स के साथ अपने रिश्तों की शुरुआत के बारे में बताया है.

पेंगुइन प्रकाशन से आयी इस आत्मकथा में नीना गुप्ता ने अपने बारे में बताया है कि जब वह रिचर्ड्स के प्यार में पड़ीं, उससे पहले उनके पार्टनर ने ऐन मौके पर तयशुदा शादी से इनकार कर दिया था, इसकी क्या वजह थी, यह उन्हें आज तक नहीं मालूम है.

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साथ ही नीना गुप्ता ने लिखा है कि वह बचपन से क्रिकेट को लेकर क्रेजी थीं. उन्होंने लिखा है, "कॉलेज के दिनों में भी अगर मैच चल रहा होता था तो मैं कान में ट्रांजिस्टर लगाए रखती थी और ऊपर से स्कार्फ लपेट लेती थी. अच्छी बात यह थी मैच केवल जाड़े के दिनों में होते थे, तो किसी को संदेह भी नहीं होता था."

लिहाजा विवियन रिचर्ड्स से पहली मुलाकात से पहले ही नीना गुप्ता को मालूम था कि रिचर्ड्स जाने माने क्रिकेटर हैं. तब नीना गुप्ता मुंबई में फ़िल्मों में अपने क़दम जमाने की कोशिश कर रही थीं.

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विवियन रिचर्ड्स से अपनी पहली मुलाकात के बारे में नीना गुप्ता ने लिखा कि मैं बंटवारा फ़िल्म की शूटिंग कर रही थी और ऐसे ही एक दिन यूनिट के सभी स्टार कास्ट के साथ जयपुर की महारानी के यहां एक पार्टी में शामिल होने गयी और वहां मेहमानों की सूची में वेस्टइंडीज़ के तत्कालीन कप्तान विवियन रिचर्ड्स के साथ उनकी टीम के कई खिलाड़ी मौजूद थे.

लेकिन रिचर्ड्स से मुलाक़ात और बातचीत की वजह क्या थी, इसके बारे में नीना गुप्ता ने पहली बार दिलचस्प राज खोले हैं. उन्होंने लिखा है, "पार्टी से एक दिन पहले भारत और वेस्टइंडीज़ का मैच था, मैंने उस मैच को देखा था. भारत ये मैच एक या दो रन से हार गया. जब वेस्टइंडीज़ के दूसरे खिलाड़ी मैदान में जश्न मना रहे थे तब मेरा ध्यान रिचर्ड्स पर गया था, उनका व्यवहार गरिमापूर्ण दिखा. मुझे अच्छी तरह ध्यान है मैंने उनकी आंखों में आंसू देखे थे, शायद उन्हें एहसास रहा हो कि वे मैच हार भी सकते थे."

नीना गुप्ता ने तभी विवियन रिचर्ड्स के बारे में सोचा, "कितना शानदार शख़्स है ये, जो अपने इमोशंस को लाइव टीवी पर भी ज़ाहिर होने देने से नहीं डरा."

नीना गुप्ता जिस सिनेमाई दुनिया में पांव जमाने की कोशिश कर रही थीं, वहां यह सब अभिनय जैसा लगता है, लिहाजा वास्तविक दुनिया में वह रिचर्ड्स के इस अंदाज़ से खासी प्रभावित हुईं और अगले ही दिन उनकी पार्टी में विवियन रिचर्ड्स से मुलाकात हो गई.

विवियन रिचर्ड्स से अपनी इस मुलाकात पर नीना गुप्ता ने लिखा है, "मैंने उनसे हाथ मिलाया और उन्हें बताया कि आपके पैशन का मुझ पर गहरा असर हुआ है." इसके बाद दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई और दोनों ने एक दूसरे से मिलते रहने की बात भी की.

वो मैच जिसका था नीना पर असर

यह वह दौर था जब वेस्टइंडीज़ की टीम अपने स्वर्णिम दौर के आख़िरी दिनों में थी, लेकिन बतौर बल्लेबाज़ और कप्तान विवियन रिचर्ड्स का जलवा था. वे सलीके से अंग्रेजी बोलते थे और बेहद स्टाइलिश क्रिकेटर थे. उस दौर के उनके व्यक्तित्व से जुड़ी एक ख़ास बात के बारे में सुनील गावस्कर ने अपनी किताब 'आइडल्स' में लिखा है, "विव को अच्छे कपड़े पहनना पसंद है, उसके पास एक बेहतरीन वॉर्डरोब होगा. अगर मैं ग़लत नहीं हूं तो वह एक काउंटी सीज़न में एक ही शर्ट दो बार नहीं पहनते थे और हमेशा बेहतरीन ड्रेस में नज़र आते थे."

नीना गुप्ता जिस क्रिकेट मुक़ाबले की बात कर रहीं थी वह मुक़ाबला नागपुर में 7 जनवरी, 1988 को खेला गया था. यह वह वनडे मुक़ाबला था जिसमें भारतीय टीम महज दो रन से मैच हार गई थी. वेस्टइंडीज़ ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 48.3 ओवरों में 196 रन बनाए थे.

कप्तान रिचर्ड्स ने इस मैच में महज 17 रनों का योगदान दिया था. इसके जवाब में श्रीकांत के शानदार 53 रनों की बदौलत भारत एक समय मैच जीतने की स्थिति में आ गया था. रिचर्ड्स ने इस मैच में गेंदबाज़ी करते हुए श्रीकांत का बेहद अहम विकेट भी चटकाया था.

इस मुक़ाबले और पार्टी के बाद वेस्टइंडीज़ की टीम अगले तीन-चार हफ़्तों तक भारत में खेल रही थी. इसक बाद टीम वापस लौटने वाली थी.

नीना गुप्ता ने लिखा, "जब रिचर्ड्स का दौर ख़त्म हुआ और वे एंटीगा अपने घर लौट गए थे तब हमारा संपर्क नहीं रहा. मुझे उनकी कमी महसूस होती थी और मैं उनके बारे में सोचती रहती थी. लेकिन हमने एक दूसरे को अपना नंबर नहीं दिया था. इसलिए हमें नहीं मालूम था कि संपर्क कैसे करें. मैं शूटिंग में व्यस्त थी और वे अपने मैचों में, तो हम लोग ठीक से बैठ भी नहीं पाए थे."

रिचर्ड्स के साथ दोबारा मुलाकात होगी या नहीं होगी, इसको लेकर नीना गुप्ता का उधेड़बुन जारी था. लेकिन वो कहते हैं न, कोई चीज़ होनी होती है तो कायनात उसका रास्ता निकाल ही लेती है. ऐसा ही कुछ नीना गुप्ता के साथ हुआ.

किताब में उन्होंने लिखा है, "मैं दिल्ली एयरपोर्ट पर बैठी अपनी फ्लाइट का इंतज़ार कर रही थी, मैं विवियन के बारे में सबकुछ भूल चुकी थी. अचानक से मैरून रंग का फ्लैश दिखा, मैंने देखा तो वेस्टइंडीज़ के क्रिकेटर लाउंज में आ रहे थे, मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा, वहां विवियन भी थे. फिर हमारी मुलाकात हुई और हमारा अफ़ेयर शुरू हो गया, ऐसा अफ़ेयर जो इतिहास है."

इस मोड़ पर आकर नीना गुप्ता अपनी ऑटोबायोग्राफ़ी में ठहर जाती हैं और पाठकों से कहती हैं इस प्यार को लेकर काफ़ी कुछ लिखा गया है, इसलिए मेरी चुप्पी का सम्मान कीजिए क्योंकि मैं नहीं चाहती हूं कि उन स्थितियों को फिर से लिखूं. इससे मैं और मेरी बेटी एक बार फिर लोगों के निशाने पर आ जाएंगे.

1988 में विवियन रिचर्ड्स की शादी हो गई थी और वो दो बच्चों के पिता थे. उन्होंने 1980 में अपनी प्रेमिका मरियम से शादी की थी, इस शादी के बारे में सुनील गावस्कर ने अपनी किताब 'आइडल' में लिखा है कि पूरा का पूरा एंटीगा विव रिचर्डस की शादी में उमड़ आया था, हालांकि सबको निमंत्रित नहीं किया गया था लेकिन कोई भी इस शादी को मिस नहीं करना चाहता था.

नीना से अफ़ेयर

लेकिन क्रिकेट टीम के साथ दौरों का असर उनकी शादीशुदा जिंदगी पर पड़ा था. विवियन रिचर्ड्स ने अपनी इस मुश्किल का जिक्र 'सर विवियन : द डिफिनिटिव ऑटोबायोग्राफ़ी' में किया है. उन्होंने लिखा है, "घर से लगातार बाहर रहने की वजह से मेरे और मरियम के रिश्ते प्रभावित होने लगे थे. इसी दौरान मैं अपनी जिंदगी की दूसरी लेडी नीना से जयपुर के महाराजा पैलेस में एक पार्टी में मिला."

नीना गुप्ता ने यह ज़रूर बताया है कि विवियन रिचर्ड्स से अफ़ेयर के दौरान ही वह गर्भवती हो गईं और जब गर्भ ठहरने का पता चला तब तक विवियन रिचर्ड्स एंटीगा लौट चुके थे.

ऐसे में नीना गुप्ता के सामने अपना करियर ही नहीं पूरा जीवन था, लोग उन्हें तरह तरह की सलाह देने लगे थे, लेकिन नीना ने यह तय किया कि वह गर्भपात नहीं कराएंगी.

उन्होंने जब यह तय कर लिया तो एक दिन विवियन रिचर्ड्स को फोन किया. इस फ़ोन कॉल के बारे में नीना गुप्ता ने लिखा है, "मैंने कहा कि मैं गर्भवती हूं और अगर मैं गर्भपात नहीं कराती हूं तो तुम्हें कोई समस्या तो नहीं होगी."

नीना गुप्ता ने लिखा है कि विवियन रिचर्ड्स यह सुनकर बेहद खुश हुए और उन्होंने मेरे फ़ैसले का समर्थन किया. उनके साथ से मुझे महसूस हुआ है कि मैंने सही फ़ैसला किया.

बेटी मशाबा फ़ैशन डिज़ाइनर

नीना गुप्ता और विवियन रिचर्ड्स की बेटी मशाबा का जन्म दो नवंबर, 1989 को हुआ और वह अब एक मशहूर फ़ैशन डिजाइनर हैं.

नीना गुप्ता के बारे में विवियन रिचर्ड्स ने 'सर विवियन : द डिफिनिटिव ऑटोबायोग्राफ़ी' लिखा है, "नीना बेहद टैलेंटेड लेडी हैं, जो बॉलीवुड अभिनेत्री और डायरेक्टर हैं. हमारे बीच रिलेशनशिप डेवलप हुआ और मुझे गर्व है कि हमारी एक स्वस्थ्य बेटी है."

नीना गुप्ता ने यह भी बताया है कि विवियन रिचर्ड्स उनकी बच्ची के लिए समय निकाला करते थे और साथ में छुट्टियां मनाने जाया करते थे, हालांकि रिचर्ड्स की अपनी व्यस्तता और अपना परिवार था. नीना गुप्ता के मुताबिक़ कुछ सालों तक ऐसा चला. इस दौरान की कुछ बेहतरीन और कुछ बेहद ख़राब यादें उनके साथ हैं.

विवियन रिचर्ड्स ने यह भी माना है कि वह अपनी बेटी और नीना, से मिलने का वक्त निकालते रहे और खुशकिस्मत भी रहे कि उन्हें भारत आने के निमंत्रण लगातार मिलते रहे हैं. सार्वजनिक आयोजनों में विवियन रिचर्ड्स और नीना गुप्ता कई बार नज़र भी आए.

ऐसा ही एक आयोजन 1996 में हुआ, जब आशा भोंसले की नई म्यूज़िक एलबम 'राहुल एंड आई', रिलीज हो रही थी. इस आयोजन में ब्लू साड़ी में नीना गुप्ता और ब्लू डेनिम शर्ट में विवियन रिचर्ड्स ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था.

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