Loksabha Elections 2019:: वाल्मीकि नगर पर पूर्ण मासी ने ठोका दावा, धनबाद या दिल्ली जाएंगे कीर्ति ?
पटना। वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट कांग्रेस को मिली है। कांग्रेस अभी तक इस सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं कर पायी है। इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्णमासी राम ने एकतरफा एलान कर दिया है कि वे यहां से ही चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा है कि खेती वे करें और फसल कोई और काट ले, ये मंजूर नहीं। दूसरी तरफ कीर्ति आजाद ने वाल्मीकि नगर जाने से साफ इंकार कर दिया है। चर्चा है कि कीर्ति आजाद को झारखंड के धनबाद या दिल्ली की किसी सीट से लड़ाया जा सकता है।

धर्मसंकट में कांग्रेस
वाल्मीकि नगर सीट को लेकर कांग्रेस धर्मसंकट में फंस गयी है। जब कीर्ति आजाद के लिए दरभंगा या मधुबनी में बात नहीं बनी तो उन्हें इस सीट की पेशकश की गयी। लेकिन कीर्ति को ये सीट सेफ नहीं लगी। वे वाल्मीकि नगर जाने के लिए राजी नहीं हैं। कांग्रेस कीर्ति के लिए वैकल्पिक सीटों के बारे में सोच रही है। लेकिन वह अभी भी चाहती है कि कीर्ति वाल्मीकि नगर से ही लड़ें। इसी आस में उसने अभी तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। इस बीच पूर्णमासी राम ने अपनी उम्मीदवारी का एकतरफा एलान कर दिया है। उनका तर्क है कि 2014 में वे इस सीट पर लड़े थे और दूसरे स्थान पर रहे थे। 2019 में भी उनका ही दावा बनता है। इस दावे के बाद कांग्रेस असमंजस में पड़ गयी है।

मजबूत नेता हैं पूर्णमासी राम
पूर्णमासी राम पश्चिम चम्पारण जिले के रहने वाले हैं। दलित समुदाय में अच्छी पैठ रखते हैं। 1990 से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। लालू-राबड़ी सरकार में मंत्री भी रहे हैं। 2009 में उन्होंने जदयू के टिकट पर गोपालगंज रिजर्व सीट से लोससभा का चुनाव लड़ा था और जीते थे। लेकिन कुछ समय बाद उनकी नीतीश से अनबन शुरू हो गयी। हालात बिगड़ने पर जदयू ने फरवरी 2014 में उन्हें पार्टी से निकाल दिया। उस समय तीन अन्य सांसदों को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण जदयू से निकाला गया था।

लोकसभा चुनाव
इसके बाद पूर्णमासी राम लोकसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हो गये। पूर्णमासी राम के कद को देखते हुए कांग्रेस ने इस दलित नेता को एक सामान्य सीट वाल्मीकि नगर से उम्मीदवार बना दिया। पूर्णमासी राम ने भाजपा को जोरदार टक्कर दी। भाजपा जीत गयी और पूर्णमासी राम दूसरे स्थान पर रहे। 2009 में जनता दल के विजयी उम्मीदवार वैद्यनाथ प्रसाद महतो तीसरे स्थान पर चले गये थे।

अटकलों के बाद पूर्णमासी राम ने ठोका दावा
कीर्ति आजाद के मसले पर कांग्रेस उलझन में है। वाल्मीकि नगर लेने से मना करने के बाद उनके लिए अब दूसरे विकल्पो पर भी सोचा जा रहा है। शनिवार को दिल्ली में झारखंड के उम्मीदवारो के चयन के लिए कांग्रेस सेंट्रल स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई थी। धनबाद सीट के लिए तीन नाम शॉर्ट लिस्ट गये थे। तीन में एक नाम कीर्ति आजाद का भी था। एक या दो अप्रैल को धनबाद के प्रत्याशी का एलान किया जाएगा। इस बीच यह भी चर्चा चल रही है कि अगर कीर्ति आजाद की धनबाद से बात नहीं बनी तो उन्हें दिल्ली शिफ्ट किया जा सकता है। इन चर्चाओं के बीच ही पूर्णमासी राम ने वाल्मीकि नगर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। कांग्रेस का शीर्ष नेतृतव इस बात से नाराज है कि पार्टी की आधिकारिक घोषणा के पहले उन्होंने ये कदम क्यों उठाया। फिलहाल कांग्रेस कुछ तय नहीं कर पा रही है।












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