हत्यारे अमरमणि की बेटी को कांग्रेस ने पहले दिया टिकट फिर 12 घंटे बाद लिस्ट से कर दिया गायब
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुरुवार देर रात अपने उम्मीदवारों की एक और लिस्ट जारी की थी, जिसमें उसने मधुमिता हत्याकांड में सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी की बड़ी बेटी तनुश्री त्रिपाठी को महाराजगंज लोकसभा सीट से टिकट दिया था लेकिन लिस्ट के जारी होने के मात्र 12 घंटे बाद कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया और महाराजगंज से सुप्रिया श्रीनेत को अपना प्रत्याशी बनाया है, कांग्रेस की नई लिस्ट आज सुबह जारी हुई है, ये चौंकने वाली बात इसलिए थी क्योंकि तनुश्री त्रिपाठी को महराजगंज से टिकट अमरमणि के बेहद करीबी रहे शिवपाल यादव ने भी दिया है, उन्होंने अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की पहली लिस्ट में ही तनुश्री त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया था इसलिए जब कांग्रेस की लिस्ट में तनुश्री का नाम आया तो एकदम से खलबली मच गई।

शिवपाल के साथ नहीं कांग्रेस के साथ हैं तनुश्री?
हालांकि इसके बाबत तनुश्री त्रिपाठी, कांग्रेस और शिवपाल यादव की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया था लेकिन तनुश्री त्रिपाठी के भाई अमनमणि त्रिपाठी ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा था कि तनुश्री, कांग्रेस के ही टिकट पर महाराजगंज से चुनाव लड़ेंगी, हालांकि अभी उन्होंने आधिकारिक तौर पर कांग्रेस ज्वाइन नहीं किया है और न ही शिवपाल यादव की पार्टी को छोड़ा है लेकिन अब जब कांग्रेस ने तनुश्री का टिकट काटा है, ऐसे में अमनमणि शिवपाल यादव को क्या जवाब देते हैं, यह एक देखने वाली बात होगी।

तनुश्री त्रिपाठी ने लंदन से पढ़ाई की है
वैसे अमरमणि त्रिपाठी , यूपी सरकार में मंत्री रह चुके हैं और इस वक्त मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के कारण जेल में हैं, अपने पिता से राजनीति का ककहरा सीखने वाली तनुश्री त्रिपाठी का जन्म 11 जनवरी 1990 को गोरखपुर में हुआ था, नैनीताल के सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल से स्कूली पढ़ाई करने वालीं तनुश्री ने स्नातक दिल्ली यूनिवर्सिटी से और परास्नातक यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से किया है।

क्या कामयाब होगी कांग्रेस?
उनके भाई अमनमणि त्रिपाठी भी नौतनवां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं, उनका कहना है कि वो टिकट मांगने नहीं गई थीं, उन्हें खुद इस सीट ने चुनाव लड़ने के लिए चुना है।
भाजपा का गढ़ है महाराजगंज
गौरतलब है कि महाराजगंज से बीजेपी के पंकज चौधरी सांसद हैं और यह इलाका राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ माना जाता है, ऐसे में क्या तनुश्री त्रिपाठी यहां के लोगों का विश्वास जीतने में सफल हो पाएंगी, इस बात का पता तो 23 मई को चलेगा, जिस दिन चुनावी नतीजे आएंगे।












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