Lok Sabha Security Breach: TMC विधायक के साथ दिखा 5वां आरोपी, क्या है इस वायरल तस्वीर का राज?
Lok Sabha Security Breach: 13 दिसंबर को लोकसभा के अंदर और बाहर सुरक्षा में सेंध लगाने वाले 5वें आरोपी को दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया है। इस बीच आरोपी की एक तस्वीर टीएमसी विधायक तापस रॉय के साथ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। यह फोटो 3 साल पहले ही बताई जा रही है। लेकिन, इस तस्वीर को लेकर राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।
एक तरफ, बीजेपी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने एक्स(ट्विटर) पर पोस्ट किया कि हमारे लोकतंत्र के मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड ललित झा, लंबे समय से टीएमसी के तापस रॉय के साथ घनिष्ठ संबंध में था। क्या यह सबूत नेता की मिलीभगत की जांच के लिए पर्याप्त नहीं है? दरअसल, वायरल हो रही तस्वीर 23 फरवरी, 2020 के सरस्वती पूजा कार्यक्रम की है। इसमें झा के साथ टीएमसी विधायक तापस रॉय नजर आ रहे हैं।

वहीं, इसके जवाब में रॉय ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट का कोई महत्व नहीं है। एक जन प्रतिनिधि के रूप में मेरे बहुत सारे समर्थक और सहयोगी हैं। जांच होने दीजिए। अगर साबित हो गई, तो राजनीति छोड़ दूंगा। हम सार्वजनिक जीवन में हैं, बहुत से लोग तस्वीरें लेते हैं। मैंने सुना कि यह फरवरी 2020 की थी। लगभग चार साल पहले। मैं उसे नहीं जानता। संसद की सुरक्षा एक गंभीर मामला है। जांच को भटकाने की बजाय जांच होने दीजिए।
बीजेपी के राष्ट्रीय आईटी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि ललित झा का टीएमसी कनेक्शन सामने आया है, और टीएमसी नेताओं के साथ उनकी कई तस्वीरें वायरल हो गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक, पूरे प्रकरण में शामिल लोगों के कांग्रेस, सीपीआई (माओवादी) और अब टीएमसी के साथ संबंध पाए गए हैं। क्या सरकार ने भारतीय संसद पर हमला करवाया है? वो संस्था जो 140 करोड़ भारतीयों की आवाज़ है। शर्म करो।
अमित मालवीय के बयान पर टीएमसी का पलटवार
टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने मालवीय की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आइए तथ्यों की जांच करें। दोषियों को किसी और ने, नहीं बल्कि बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा ने एंट्री दिलवाई थी। संसद की सुरक्षा के लिए सामान्य 300 के बजाय केवल 176 दिल्ली पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे। बीजेपी की आंतरिक विफलताओं के कारण संसद की सुरक्षा में यह अभूतपूर्व उल्लंघन हुआ। अब, जब विपक्ष कर्तव्य की इस लापरवाही के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहा है, तो इस गंभीर सुरक्षा समझौते में उनकी दोषीता से ध्यान हटाने के लिए मालवीय जैसे बीजेपी प्रचारकों को खुला छोड़ दिया जा रहा है।
नई दिल्ली में हुई ललित झा की गिरफ्तारी
आपको बता दें कि बीते दिन यानी 14 दिसंबर की शाम ललित झा को नई दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि उसके पास अन्य आरोपियों के फोन थे। जबकि चार अन्य लोग, जिन्होंने संसद के अंदर और बाहर कलर गैस का छिडकाव किया था, उन्हें मौके से पकड़ लिया गया था। ललित झा, जिन्होंने इस कार्यक्रम की लाइव-स्ट्रीमिंग की थी, सुरक्षा कर्मियों से बचने में कामयाब रहे थे।
कोलकाता में मास्टरजी के नाम से फेमस है आरोपी
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता निवासी झा के पड़ोसियों का कहना है कि वह कई एनजीओ चलाते हैं और स्थानीय लोगों के बीच मास्टरजी के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने संसद उल्लंघन का एक वीडियो 19 साल के एक अंग्रेजी ऑनर्स छात्र को भेजा था, जिनसे उनकी मुलाकात एक एनजीओ से संबंधित कार्यक्रम के सिलसिले में हुई थी।
झा ने छात्र को भेजा था संसद उल्लंघन का एक वीडियो
छात्र ने बताया कि वह दोस्त नहीं है। मेरी उनसे मुलाकात अप्रैल में कोलकाता में एक एनजीओ सम्मेलन के दौरान हुई थी। उन्होंने कहा कि वह एक स्कूल शिक्षक हैं और कुछ गैर सरकारी संगठनों से जुड़े हुए हैं। वह आदिवासियों के विकास के लिए हमारे साथ काम करने के लिए सहमत हुए।
छात्र ने बताया कि मैं कॉलेज में था, जब मुझे दोपहर 1 बजे के आसपास वाट्सऐप पर वीडियो मिला। जब मैं कॉलेज से निकला, तो मैंने शाम करीब 4 बजे चेक किया। यह 1 मिनट 33 सेकंड का था। मैं केवल कुछ लोगों को सड़क पर धुएं वाली मशालें लेकर विरोध करते हुए देख सका। मैंने उससे पूछा कि यह कहां से है, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें समाचार से पता चला कि यह संसद सुरक्षा उल्लंघन से संबंधित था।
ट्यूशन टीचर है आरोपी झा
स्थानीय लोगों के अनुसार, झा ने मध्य कोलकाता के बड़ाबाजार में कई लोगों को ट्यूशन पढ़ाया। जहां वह किराए पर रहते थे। एक व्यवसायी राजेश शुक्ला ने कहा कि मास्टरजी अक्सर क्षेत्र में सामाजिक समारोहों में भाग लेते थे। जब मैंने पहली बार उन्हें टीवी पर देखा, तो मैं रुका और तीन बार चेक किया।












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