क्या बीजेपी की इस रणनीति के आगे टिकेगा I.N.D.I.A.? लोकसभा चुनाव जीतने का है धांसू प्लान

बीजेपी के बारे में गलत नहीं कहा जाता है कि वह हमेशा चुनावी मोड में ही रहती है। एक चुनाव के साथ-साथ आने वाले चुनावों के लिए भी उसका काम लगातार चलता रहता है। अगले लोकसभा चुनावों के लिए भी यही देखने को मिल रहा है।

28 विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया जहां अभी चार महीने बाद किसी तरह से अगली बैठक की तारीख पक्की कर पाया है, 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी की चुनाव तैयारियों का लगभग पूरा खाका तैयार हो चुका है।

bjp strategy for lok sabha election

तीन राज्यों में बीजेपी की बड़ी जीत लोकसभा चुनावों के लिए ट्रायल रन!
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल में संपन्न हुआ विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले एक तरह से ट्रायल-रन था। पार्टी उसी रणनीति पर आगे भी काम शुरू कर चुकी है, जिसने उसे हिंदी हार्ट लैंड के तीनों राज्यों में अप्रत्याशित जीत दिलाई है। जहां तीनों राज्यों को लेकर भाजपा के खिलाफ भविष्यवाणियां की जा रही थीं, लेकिन परिणाम आया तो वह एकतरफा बीजेपी के पक्ष में गया है।

80 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच कोर एजेंडा
पार्टी के अंदर के लोगों का कहना है कि जब अगले साल लोकसभा चुनाव का अभियान औपचारिक तौर पर शुरू होगा, पार्टी पूरे देश में कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को गोलबंद करने का काम पूरा भी कर चुकी होगी। पार्टी का कोर एजेंडा अभी उन 80 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचना है, जो सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और उन्हें बीजेपी के संभावित वोटर के रूप में जोड़ना है।

पिछली बार से 60% अधिक वोट लाना है बीजेपी का टारगेट
2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को 22 करोड़ वोट मिले थे। 2024 के लिए पार्टी की आंतरिक बैठकों में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 35 करोड़ वोट का टारगेट सेट किया है। यह पिछली बार से 60% ज्यादा वोट है!

300 कॉल सेंटरों से जारी है अभियान
ये लक्ष्य सिर्फ हवा में नहीं तय किए गए हैं। बीजेपी के ज्यादातर जिला कार्यालयों में इसके लिए करीब 300 कॉल सेंटर पहले से काम कर रहे हैं। अभी इनका इस्तेमाल मुख्य तौर पर उन 50 लाख लोगों से संपर्क के लिए किया जा रहा है, जो एक मिस्ड कॉल देकर पार्टी के सदस्य बने हैं। अब इनमें से उनकी पहचान की जानी है, जो सक्रिय तौर पर पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं।

अगले चरण में पार्टी इन कॉल सेंटरों के माध्यम से उन लाभार्थियों को टारगेट करेगी, जो सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। यही नहीं पार्टी ने लाभार्थियों की संख्या में 7 करोड़ की बढ़ोतरी के लिए भी योजना तैयार की है।

चुनाव अभियान शुरू होने से पहले बीजेपी बना चुकी होगी बड़ा जनाधार!
दिसंबर के अंत या जनवरी के शुरू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाभार्थियों तक पहुंच के विस्तार के लिए एक और संपर्क अभियान लॉन्च करने वाले हैं। इस काम को भी फरवरी तक पूरा कर लिया जाना है। यानि जब लोकसभा चुनावों का अभियान औपचारिक तौर पर आरंभ होगा, भारतीय जनता पार्टी अपने जनाधार को गोलबंद करने का एक महत्वपूर्ण फेज पूरा कर चुकी होगी।

पार्टी के इन कार्यक्रमों के समन्वय का काम केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और पार्टी महासचिव सुनील बंसल की देखरेख में चल रही है, जिनकी मदद के लिए स्ट्रैटजी कंसल्टेंट दिग्गज मोगरा की जार्विस कंस्लटिंग की सहायता ली जा रही है।

तीन राज्यों में आजमाया, लोकसभा चुनावों में दोहराने की तैयारी
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने सिर्फ पार्टी के कार्यक्रताओं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों पर फोकस किया था और चुनावी पंडितों की भविष्यवाणियां धरी की धरी रह गईं। जीत के इसी फॉर्मूले को पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में भी अपनाने की तैयारी में है।

इसके लिए मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर काम किया गया था। तीनों राज्यों में करीब 50-60 एजेंट के साथ 20 कॉल सेंटर बनाए गए थे। एमपी में 9, राजस्थान में 6 और छत्तीसगढ़ में 5. इन संवाद केंद्रों ने वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क-सूत्र का काम किया।

चुनावों से पहले ही बीजेपी ने तीनों राज्यों के लिए अलग मोबाइल ऐप बनाए थे। लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी सरल ऐप पर काम कर रही है, जो सदस्यों और बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं तक से जुड़ने में सहायता करेगा। प्रदेश स्तर पर भी इसी ऐप का विस्तारित सरल होगा, जिसमें संबंधित क्षेत्र से जुड़ी जानकारियां होंगी।

तीन राज्यों में जोड़े थे 10 लाख सक्रिय कार्यकर्ता
जानकारी के मुताबिक इस तरह के अभियानों से पार्टी ने तीनों राज्यों में 10 लाख नए सक्रिय कार्यकर्ता जोड़ लिए थे, जिसमें अकेल मध्य प्रदेश में 4.5 लाख वर्कर शामिल हैं।

चुनिंदा योजनाओं पर फोकस, बदल गए चुनाव नतीजे!
जानकारी के मुताबिक भाजपा ने इन रणनीतियों से पहली बार सबसे ज्यादा संख्या में लाभार्थी वोट पाने में सफलता हासिल की है। जैसे मध्य प्रदेश में 90 चुनी हुई सीटों पर फोकस किया गया था। कुछ चुनिंदा सरकारी योजनाओं को ही आधार बनाया गया, जैसे कि पीएम आवास, पीएम किसान और लाडली बहना।

करीब 1.3 करोड़ लाडली बहना लाभार्थियों में से 35 लाख को पार्टी के साथ जोड़ा गया। अनुमानों के मुताबिक एक लाभार्थी दो से तीन मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है।

राजस्थान, छत्तीसगढ़ में अलग रणनीति पर काम
लेकिन, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सरकार कंग्रेस की थी तो वहां ऐसे वोटरों पर फोकस किया गया, जिन्हें केंद्रीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। नतीजा अंतिम परिणाम के रूप में सामने आया।

भाजपा की रणनीति ऐसे आया पार्टी के काम
पार्टी को सबसे ज्यादा फायदा वोट शेयर के तौर पर छत्तीसगढ़ में मिला है, जहां इसका वोट शेयर 33% से बढ़कर 46% पहुंच गया है। राज्य में बीजेपी को करीब 25 लाख वोट इस बार ज्यादा मिले हैं।

इसी तरह मध्य प्रदेश में 2018 की तुलना में भाजपा 54.7 लाख ज्यादा वोट ले पाई है। जबकि, राजस्थान में पार्टी को पिछली बार के मुकाबले 27.7 लाख अधिक मत मिले हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+